व्हाट्सएप मैसेजिंग एप को लेकर काफी समय से प्राइवेसी को लेकर जो विवाद चल रहा है उसकी वजह से लोग दूसरे मैसेजिंग एप पर ट्रांसफर हो रहे हैं। जिसमें भारत का नया ऐप सिग्नल शामिल है। व्हाट्सएप प्राइवेसी को लेकर चल रहे विवाद में सिग्नल को लोग अपना रहे हैं। इस हफ्ते भारत का नंबर वन मैसेजिंग एप सिग्नल बन गया है। साथ ही व्हाट्सएप एप का प्रयोग कर रहे यूजर्स के लिए खुशखबरी है क्योंकि व्हाट्सएप ने अपने ब्लॉग के जरिए बताया है कि 8 फरवरी को किसी का भी व्हाट्सएप डिलीट या सस्पेंड नहीं किया जाएगा। यूजर व्हाट्सएप की नई प्राइवेसी पॉलिसी को समझें इसलिए उन्होंने इस डेट को 15 मई तक बढ़ा दिया है।
फिलहाल आप व्हाट्सएप को उसकी नई प्राइवेसी पॉलिसी एक्सेप्ट किए बिना 15 मई तक चला सकते हैं। साथ ही उन्होंने अपनी प्राइवेसी और सुरक्षा पॉलिसी को लेकर स्पष्ट जानकारी देने की बात कही और लोगों के बीच फैले भ्रम को भी दूर करेंगे। 15 मई तक का समय इसलिए दिया गया है ताकि कंपनी धीरे-धीरे लोगों से नई पॉलिसी पर उनकी राय भी ले सके।
कंपनी का कहना है कि पॉलिसी का समय इसलिए आगे बढ़ाया गया है ताकि यूजर्स को उसे समझने का टाइम मिल जाएगा। वॉट्सऐप की पैरेंट कंपनी फेसबुक ने कहा कि ऐप के नए अपडेट को लेकर लोगों को बहुत-सी गलतफहमी प्राइवेसी को लेकर है, जिसके कारण नए अपडेट को फिलहाल रोक दिया गया है।
न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार व्हाट्सएप द्वारा जारी की गई नई प्राइवेसी अपडेट के ऐलान के बाद कई यूजर्स और कई मीडिया संस्थानों ने इसे लोगों की जानकारी के गलत इस्तेमाल से जोड़ा था। साथ ही उनका कहना था कि नई व्हाट्सएप पॉलिसी के बाद वॉट्सऐप लोगों की चैट के साथ-साथ बाकी पर्सनल डाटा को भी पढ़ेगा।