आज तक आपने ट्रेन में वेटिंग सुना होगा, रेस्टोरेंट में वेटिंग सुना होगा, बैंक में वेटिंग सुना होगा लेकिन कोरोना महामारी ने भारत समेत दुनिया में ऐसी भयावह स्थिति पैदा कर दी है कि अब लोग अपने परिजनों के शवों(जिनकी मृत्यु कोरोना से हुई हो) को जलाने के लिए श्मशान घाट कि लाइन में वेटिंग लिस्ट में खड़े हैं। 


पूरे देश में कोरोना संक्रमण का रफ्तार बुलेट ट्रेन की रफ्तार से भाग रहा है। भारत में पिछले 24 घंटे की बात करे तो 2 लाख से ज्यादा नए कोरोना के मरीज मिले हैं। मरीजों के मरने का सिलसिला भी लगातार चालू है। लगातार दूसरे दिन ऐसी स्थिति रही जब एक दिन में 1000 से ज्यादा लोगों ने अपनी जान गंवाई। 


देश के तमाम हिस्सों से कुछ ऐसी तस्वीरें सामने आ रही है, जिसे देख कर आपकि रूह कांप उठेगी। कहीं लोग हॉस्पिटल में भर्ती ना होने के वजह से मर रहे है तो कहीं लोग के पास उपयुक्त साधन ना होने कि वजह से अपनी जान गंवा रहे हैं। 


दिल्ली में अंतिम संस्कार के लिए घंटों इंतजार - 

आखिरी चार दिनों में राजधानी में रिकॉर्ड 240 लोगों ने इस वायरस कि वजह से दम तोड़ा। इस वजह से दिल्ली के श्मशान और कब्रिस्तान दोनों जगहों पर अंतिम संस्कार के लिए भीड़ लगी हुई है। जहां दिल्ली के सबसे बड़े कब्रस्तान में शवों को दफनाने के लिए जगह कम पड़ रही है। वहीं दिल्ली के निगमबोध घाट में चिताएं बुझने का नाम नहीं ले रही है और शवों के अंतिम संस्कार के लिए कई घंटो तक इंतजार करना पड़ रहा है। 


लखनऊ में सामान्य मौतों का आंकड़ा भी बढ़ा - 

लखनऊ का भैसंकुंड श्मशान घाट में पिछले एक हफ्ते से कोरोना के अलावा सामान्य मरीजों की मौतों की संख्या में भी काफ़ी इजाफा हुआ है। वहां के महापात्र राजेंद्र मिश्र का कहना है कि अभी तक सामान्य दिनों में 15- 20 शव ही एक दिन में आते थे लेकिन पिछले कुछ दिनों से 40-50 शव एक दिन में आ रहे हैं जिससे वह काफ़ी आश्चर्य में हैं। 


कुछ ऐसा ही हाल देश के अन्य हिस्सों में भी रहा। छत्तीसगढ़ में जहां लोगों को अंतिम संस्कार के लिए काफ़ी इंतजार करना पड़ रहा है। वहीं अहमदाबाद, सूरत में श्मशान घाट में वेटिंग चल रही है तो कब्र खुदवाने के लिए एडवांस बुकिंग चालू है। 


इस हालत को देखकर यह अंदाजा लगाना गलत नहीं होगा कि कोरोना संक्रमण की जांच नहीं होने और इलाज मिलने के अभाव में लोग घरों में दम तोड़ रहे है।