खबर है वाराणसी से जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संसदीय क्षेत्र भी है उन्होंने कुछ दिन पहले ही यहां काशी विश्वनाथ मंदिर को एक सुंदर से कॉरिडोर में परिवर्तित कर दिया था। जिस का भव्य नजारा देखते बनता है। यहां पर जितने टूरिस्ट आते हैं वह देखकर अचंभित रहते हैं। हालांकि प्रधानमंत्री ने वाराणसी के लिए बहुत कुछ किया है। उन्होंने इस शहरे बनारस को चकाचक बनारसी लेन बना दिया है। हर जगह साफ सफाई दिखती है। लेकिन अभी अभी एक खबर ब्रेक हुई है जो आपको द भारत प्रेस पर दिखाया जा रहा है। वह यह है कि ट्राफिक से जूझ रहे यात्रियों के लिए एक चकाचक सड़क तैयार करके दिया जाने वाला है। खबरों की मानें तो कहा जा रहा है कि वाराणसी के लोगों को जल्द मिलेगा सड़कों का तोहफा और फोरलेन का चल रहा तेजी से काम जो कुछ दिन में बनकर तैयार हो जाएगा. यह भी पढ़ें-दवाइयों पर महंगाई का असर 1 अप्रैल से हो सकती हैं महंगी

वाराणसी शहर के अंदर 6 सड़कों का चौड़ीकरण करने के साथ 5 लड़के फोरलेन और एक सिक्स लेन बनाने का काम तेजी से शुरू हो गया है। अगर वाराणसी की ट्रैफिक की बात करें तो यह मुंबई का दूसरा पार्ट लगता है यहां पर 24 घंटे सड़के जाम में रहती हैं। जिससे पैदल यात्रियों के लिए अपनी मंजिल तक पहुंच पाना टाइम से मुश्किल हो जाता है। (Traffic Safety rules) जिसकी वजह से कई बार वाराणसी की खबरों में भी सड़क बनवाने की मांग की गई साइकिल रिक्शा वालों के लिए भी मुसीबतें खड़ी हुई है। उसको भी दूर किया जाएगा जिन सड़कों के चौड़ीकरण करने में अतिक्रमण व अवैध कब्जा बाधा पहुंचा रहे हैं। उन भवनों पर लाल निशान बनाने के साथ तोड़ने की कार्यवाही भी जल्द से जल्द शुरू होगी।

जिनके मकान वैद्य या खुद की जमीन पर होंगे उन्हें मुआवजा दिया जाएगा। जिन्होंने अवैध कब्जा करके मकान बनाया है उन्हें जिला प्रशासन जबरदस्ती तोड़ देगी। वहीं स्थानीय लोगों को सड़क चौड़ीकरण में सहयोग करने की अपील की जा रही है। जिससे काम जल्द से जल्द पूरा हो सके। यूपी में दोबारा उत्तर प्रदेश सरकार यानी योगी सरकार के बनने से लोक निर्माण विभाग ने हाईवे से शहर के अंदर आने वाली 6 सड़कों पर काम तेजी से शुरू कर दिया है। सभी स्थानों पर बुलडोजर से सड़क के किनारे मिट्टी हटाने के साथ अतिक्रमण तोड़ने का काम शुरू कर दिया गया है।

उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन और वन विभाग को हरे पेड़ों की कटाई करने के लिए फिर पत्र लिखा। सड़क बनने के साथ शहर के अंदर होने वाली सड़कों पर वाहन पर एंटी भरने लगेंगे। हालांकि वाराणसी के ऐसे कई सड़क के हैं जो चलने लायक नहीं है। ऐसे में अंदाजा लगाया जा सकता है कि क्या उस पर गाड़ियां बसे चल सकती है? नहीं आए दिन किसी न किसी का एक्सीडेंट हो जाता है। क्योंकि गाड़ी या बस या रिक्शा या टेंपो चलाने के लिए जगह नहीं बचता (Hindi News) जिसमें लोग कड़ी धूप में ट्रैफिक में जलते रहते हैं। वाराणसी वाले इसलिए भी खुश हैं कि अब उनको ट्रैफिक से मुक्ति मिलेगी और वह अपने दफ्तर समय से पहुंच पाएंगे।

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