देश में हेल्थकेयर और  फ्रंटलाइन कर्मचारियों को वैक्सीन के लिए होने वाले रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया पर रोक लगा दी गई है। केंद्र सरकार ने इसका कारण नियमों में होने वाला उल्लंघन बताया है। 

कहा गया है कि 1अप्रैल से 45 वर्ष से ऊपर के सभी लोगों को  ही कोविड वैक्सीन दी जाने लगी थी जिससे हेल्थकेयर और फ्रंटलाइन कर्मचारियों का रजिस्ट्रेशन ठीक प्रकार से  नहीं हो पा रहा था।  इसीलिए ऐसे कर्मचारियों  के लिए  स्पॉट रेजिस्ट्रेशन शुरू किया गया था।

केन्द्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने बताया कि कुछ समय बाद ही इस सुविधा का गलत इस्तेमाल होना शुरू हो गया। क्योंकि आम नागरिकों के लिए तो सरकार ने उचित समय, उम्र व तरीके तय किये हैं लेकिन हेल्थकेयर और फ्रंटलाइन कर्मचारियों के लिए ये निर्धारित नहीं था,  इसी के चलते  जब जांच की गई तो पाया कि कुछ ऐसे भी लोगों का रजिस्ट्रेशन हुआ है जो हेल्थकेयर और फ्रंटलाइन कर्मचारियों की श्रेणी में नहीं आते हैं लेकिन उनका रजिस्ट्रेशन के साथ-साथ कोविड वैक्सीनशन भी हुआ है। इसी कारण यह सुविधा बन्द कर दी गई है।

गौरतलब है कि देश में कोविड वैक्सीनशन की शुरुआत जनवरी माह से हो गई थी और सबसे पहले टीकाकरण की शुरुआत हेल्थकेयर, फ्रंटलाइन कर्मचारियों, डॉक्टरों, पुलिस अधिकारियों यानी कोरोना वारियर्स से हुई थी। फरवरी आरम्भ से हेल्थकेयर और फ्रंटलाइन कर्मचारियों को वैक्सीन दी जाने लगी थी, लेकिन अब उनका कोविड वैक्सीनशन रजिस्ट्रेशन नहीं होगा। 

 डॉक्टरों  का कहना है कि  इतने समय से हेल्थकेयर और फ्रंटलाइन कर्मचारियों के लिए ये सुविधा उपलब्ध थी और अगर अभी तक किसी कर्मचारी ने एक भी डोज़ नही लगवाई है तो यह सुविधा कोई मतलब नहीं रखती। इसलिये इसपर रोक लगाना एक अच्छा फैसला है।