उत्तर प्रदेश में कोरोना के काले बादलों के बीच पंचायत चुनाव जारी है। लेकिन अब इस पर रोक लगाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की जा चुकी है। याचिकाकर्ता ने सुप्रीम कोर्ट से मांग की है कि उत्तर प्रदेश में जारी ग्राम पंचायत चुनाव पर तुरंत रोक लगाया जाए। याचिकाकर्ता ने अपने इस याचिका से इलाहाबाद हाईकोर्ट के उस फैसले को सीधे-सीधे चुनौती दी है जिसमें चुनाव को जारी रखने की अनुमति दी गई थी।

आज सोमवार को यूपी पंचायत चुनाव में वोटिंग का दूसरा चरण था। जिसमें लखनऊ, वाराणसी, गौतम बुध नगर समेत 20 जिलों में वोटिंग की प्रक्रिया पूरी हो गई है। यह अनुमान लगाया गया है की इस चरण में करीब सवा तीन करोड़ लोग को मतदान करना था।

जिसको लेकर दावा किया जा रहा है कि इन पंचायत चुनाव में कोरोना गाइडलाइंस का पूरी तरह पालन हो रहा है। लेकिन कई जगह से जो तस्वीरें सामने आई है वह कुछ और ही स्थिति बयान कर रही है। पोलिंग बूथ पर भीड़ बढ़ती जा रही है। सोशल डिस्टेंसिंग का नामोनिशान तक नहीं है और लोग बिना मास्क के नज़र आ रहे हैं।

आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश में इस वक्त दो लाख के करीब कोरोना के एक्टिव कैसे हैं और संख्या हर दिन बढ़ती जा रही है। एक दिन में आए कोरोना के नए मामले 30 हजार तक पहुंच चुके हैं। लखनऊ, गाजियाबाद वाराणसी, कानपुर जैसे शहरों के अस्पतालों में बेड की कमी हो रही है। वहीं दूसरी तरफ कोरोना गाइडलाइंस को ताक पर रखकर चुनाव कराए जा रहे हैं। यूपी पंचायत चुनाव में दो फेज़ का मतदान अभी बाकी हैं जो कि 26 और 29 अप्रैल को होगा। अब देखना यह है कि हाईकोर्ट इस याचिका पर कब, क्या और कितनी जल्दी फैसला सुनाता है।