यूपी में कोरोना के खिलाफ जंग में पत्रकार, जज और सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों को फ्रंटलाइन वर्कर घोषित किया गया। अब उन्हें प्राथमिकता के आधार पर कोरोना वैक्सीन लगाया जाएगा। बताया जा रहा है कि टीकाकरण के लिए टीमें खुद ही संस्थानों में कैंप करेंगी और टीकाकरण करवाएंगी। बता दें कि राज्य में 18 वर्ष से अधिक आयु के सभी लोगों को कोरोना वैक्सीन दिया जा रहा है। अब पत्रकारों को भी इसमें प्राथमिकता दी जाएगी।

यूपी में पहले चरण में, लखनऊ, कानपुर, प्रयागराज, वाराणसी, गोरखपुर, बरेली और मेरठ जिलों में 9 हजार से अधिक सक्रिय मामलों के साथ टीकाकरण किया जा रहा है। टीकाकरण के लिए, जिन्होंने कोविन पोर्टल या आरोग्य सेतु ऐप पर पंजीकरण किया है, उनके लिए स्लॉट शुक्रवार शाम से ही खोला दिया गया है।

टीकाकरण प्रभारी डॉ अजय घई ने कहा था कि 45 वर्ष से अधिक के लोगों का टीकाकरण पहले की तरह जारी रहेगा। 18 और 44 साल के लोगों के लिए अलग-अलग बूथ बनाए गए हैं। अब कुल बूथों की संख्या लगभग सात हजार हो गई है।

30 अप्रैल तक राज्य में कुल एक करोड़ 23 लाख 55 हजार 555 वैक्सीन की खुराक दी जा चुकी है।  

जो लोग कोरोनोवायरस की चपेट में आने के बाद नेगेटिव हो गए हैं, उन्हें वैक्सीन के लिए 15 दिनों तक इंतजार करना होगा। जिसकी RT-PCR रिपोर्ट नेगेटिव है लेकिन सीटी स्कैन में कोविड के लक्षण मिले है। उन्हें भी 15 दिनों के बाद टीका लगाया जाएगा।

यूपी सरकार ने घोषणा की है कि सभी को नि: शुल्क कोरोना वैक्सीन के साथ टीका लगाया जाएगा। इसके लिए दोनों स्वदेशी वैक्सीन निर्माताओं को एक करोड़ खुराक के आदेश भेजे गए हैं।