जोशुआ के आश्चर्य का ठिकाना नहीं रहा, क्योंकि वह विश्वास नहीं कर सकता था कि उसके घर के सामने आसमान से इतना बड़ा पत्थर कैसे गिरा होगा।


  4 अरब साल पुराने उल्कापिंड के अवशेष


  वास्तव में, उसे एक सामान्य पत्थर माना जाता था जो लगभग 4 बिलियन वर्ष पुराने एक दुर्लभ उल्कापिंड के अवशेष था। इस विशेषता के कारण, इसका मूल्य लगभग 10 करोड़ रुपये आंका गया है। जोशुआ के अनुसार उल्कापिंड ने उनके घर के सामने स्थित छत में एक बड़ा छेद कर दिया है।


  जोशुआ इंडोनेशिया के कोलोंग क्षेत्र में ताबूत बनाने का काम करता है। जिस समय उल्कापिंड गिरा, उस समय जोशुआ घर के दूसरे हिस्से में ताबूत तैयार करने के काम में भी लगा हुआ था। जोशुआ ने कहा कि उल्कापिंड का वजन लगभग दो किलो है और वह छत को तोड़कर घर में घुस गया और लगभग 15 सेंटीमीटर जमीन में दफन हो गया।


  जोशुआ को 10 करोड़ रुपए मिले हैं


  स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, इस दुर्लभ उल्कापिंड के अवशेषों की कीमत के रूप में, जोशुआ को 1.4 मिलियन पाउंड या लगभग 10 मिलियन रुपये मिले हैं।