उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कोरोना के कहर को देखते हुए राज्य के कानपुर, लखनऊ, प्रयागराज और वाराणसी जैसे कई हिस्से में सरकारी व गैर सरकारी दफ्तरों में केवल 50 फीसदी लोगों को ही काम करने का निर्देश दिया। उन्होंने इस संकट की घड़ी से उभरने के लिए दफ्तरों को आदेश दिया है कि जहाँ तक हो सके वर्क फ्रॉम होम को बढ़ावा दें और दफ्तरों में केवल 50 फीसदी ही मानव संसाधन की क्षमता का उपयोग किया जाए।


सीएम ने कहा ऐसा करने से बढ़ते संक्रमण पर लगाम लगाने में मदद मिलेगी। कोरोना में काम को रोकने से भारी नुकसान का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए जिन दफ्तरों में काम चल रहा वह कोरोना प्रोटोकॉल का खास ध्यान रखें। सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें हाथों को समय समय पर सेनेटाइज करते रहे और साथ ही मास्क पहनना बिल्कुल न भूलें। 


योगी आदित्यनाथ ने कोरोना संक्रमण के बढ़ते आंकड़ों के प्रति चिंता जाहिर की और वह इस पर ठोस रणनीति तैयार करने के लिए राज्यपाल की मौजूदगी में तीन दिवसीय कार्यक्रम की सूचना दी। इस कार्यक्रम की शुरुआत 11 अप्रैल से होगी। जिसमें पहले दिन राजनीतिक दलों के अध्यक्ष और विधानमंडल के पार्टियों के खास नेताओं से संवाद किया जाएगा। 12 अप्रैल के दिन स्थानीय निकायों के प्रतिनिधियों के साथ संवाद का यह कार्यक्रम जारी रहेगा और 13 अप्रैल यानी की आखिरी दिन धर्मगुरुओं के साथ विमर्श के पश्चात इस कार्यक्रम का अंत होगा।