केंद्र सरकार और किसान के बीच पांचवे दौर की बातचीत हुई बेनतीजा, 9 दिसंबर को फिर किसान- सरकार आमने सामने|  नए कृषि कानूनों के  खिलाफ किसान आदोंलन का आज दसवां दिन है |  लगातार नौ दिन से किसान कृषि कानूनों के विरोध में धरना प्रदर्शन कर रहे हैं | पंजाब से  भारी संख्या में आए किसानों ने   दिल्ली के क ई बार्डर को बंद किया हुआ है | सिंधु, टिकरी, लामपुर, गाजीपुर, ओचंदी बार्डर पर वाहनों की आवाजाही बंद है | कृषि कानूनों पर बीच का रास्ता निकालने के लिए सरकार और किसानों के बीच पांचवे दौर की बैठक हुई|

 आज 5 दिसंबर यानि शनिवार को केंद्र सरकार और किसानों के बीच पांचवे दौरे  की वार्ता हुई  | दिल्ली के विज्ञान भवन में दोपहर 2 बजे शुरू हुई  बैठक | हालांकि, यह बैठक भी और बैठकों की तरह ही बेनतीजा रही |  9 दिसंबर को किसान और  सरकार फिर आमने सामने होगें |  

 आज की बैठक में  वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल, कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर और किसान नेता भी शामिल| आज की बैठक में 44 किसान प्रतिनिधि मौजूद थे| 

 सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, बैठक में  किसान कृषि कानूनों को रद्द करने की  मांग  पर अड़े हुए थे | वहीं, किसान प्रतिनिधियों ने सरकार से  पिछली बैठक का लिखित ब्यौरा मांगा|  सरकार ने कृषि कानूनों में सशोधन की बात रखी, किसानों ने सरकार के इस प्रस्ताव को ठुकराया था | किसान और केंद्र सरकार के  बीच हुई पांचवें दौर की बातचीत खत्म होने के बाद ऑल इंडिया किसान सभा के महासचिव हन्नान मोल्लाह ने कहा कि बैठक शुरू होते ही हमने कह दिया था कि हम कृषि कानूनों में संशोधन नहीं चाहते बल्कि हमारी मांग है कि इसे वापस लिया जाए।  

बता दें, किसानों के साथ बैठक से पहले  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज  एक अहम बैठक बुलाई थी। इस बैठक में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृहमंत्री अमित शाह, कृषि मंत्री नरेंद्र तोमर और  वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल भी शामिल थे।