आईपीएल यानी इंडियन प्रीमियर लीग के इतिहास में आज तक चेन्नई सुपेरकिंग्स ने 13 में से 11 सीज़न खेले हैं। टीम 14वें सीज़न के लिए पूरी तरह तैयार है। इन 11 सीजन में से सिर्फ एक बार ऐसा हुआ जब चेन्नई की टीम टॉप 4 के लिए क्वालीफाई नहीं कर पाई। यह पिछला आईपीएल सीजन था जो यूएई में खेला गया था जहां धोनी की चेन्नई टॉप 4 में जगह बनाने में नाकामयाब रही थी। 



जब से आईपीएल की शुरुआत हुई है सबसे धोनी चेन्नई सुपर किंग्स के कप्तान बने हुए हैं। 2 सीजन में प्रतिबंध के कारण चेन्नई की टीम टूर्नामेंट में हिस्सा नहीं ले पाई थी लेकिन इतिहास में सबसे ज्यादा बार प्लेऑफ में पहुंचने और फाइनल खेलने का रिकॉर्ड चेन्नई के नाम है। चेन्नई की टीम ने 2010 2011 और 2018 में आईपीएल का खिताब अपने नाम किया था। आईपीएल के इतिहास में अगर सफल फ्रेंचाइजी टीम की बात करें तो उसमें चेन्नई सुपर किंग्स दूसरे नंबर पर हैं। 

पिछले सीजन में शुरुआती मैचों भले ही चेन्नई ने आखिरी 3 मुकाबले लगातार जीते थे लेकिन टीम फिर भी प्लेऑफ में क्वालीफाई नहीं कर पाई थी जिस वजह से यह कहना गलत नहीं होगा कि नए सीजन से पहले चेन्नई के पास मोमेंटम बिल्कुल नहीं है। 


अगर धोनी की बात करें तो धोनी भी पिछले कई महीनों से क्रिकेट से दूर रहे हैं ऐसे में उनके बल्ले में अभी कितनी धार बाकी है, यह देखना बड़ा दिलचस्प होगा। चेन्नई के लिए अच्छी बात यह भी है सुरेश रैना टॉप ऑर्डर में वापस लौट आए हैं जो नंबर 3 पर खेलेंगे। टीम ने पिछले साल से इस साल में कुछ बदलाव भी किए हैं। सीएससी के पास बल्लेबाजी में गहराई है उनका स्पिन विभाग मजबूत है लेकिन तथा वर्ष की गेंदबाजी उनके लिए मुश्किल खड़ी कर सकती है। 


चेन्नई की ताकत 

धोनी की कप्तानी वाली टीम की ताकत हमेशा से उनकी मध्यक्रम की बल्लेबाजी रही है लेकिन पिछले साल इस टीम को सुरेश रैना की कमी बहुत महसूस हुई। यहां तक की उनकी ओपनिंग साझेदारी भी ज्यादा कारगर साबित नहीं हुई थी। हालांकि इस बार सुरेश रैना रोबिन उथप्पा और ऑलराउंडर ड्वेन ब्रावो पूरी तरह फिट हैं जिससे टीम को मजबूती मिलेगी। खुद कप्तान धोनी मिडिल ऑर्डर में बल्लेबाजी करेंगे जो टीम को मैच फिनिश करने के लिए एक अलग ही ताकत प्रदान करेगी। 


चेन्नई की कमजोरी  चेन्नई की टीम इस बार एक विभाग में अनुभवहीन नजर आएगी जो है उनकी गेंदबाजी। हालांकि टीम में दीपक चाहर शार्दुल ठाकुर श्याम करण और ड्वेन ब्रावो है लेकिन डेट और अभी भी उनके लिए एक समस्या है। हालांकि ब्रावो के पास तोरा अनुभव जरूर है लेकिन बाकी गेंदबाज डेट ऑफ बर्थ का दवा झेलने में इतने सक्षम नहीं हैं। अगर स्क्रीन की बात करें तो टीम के पास इमरान ताहिर रविंद्र जडेजा और मिचेल सैंटनर के रूप में अनुभवी खिलाड़ी मौजूद हैं।