अत्यधिक शराब के सेवन से हुई मौत पर बीमा कंपनी कोई मुआवजा नहीं देगी। लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी को लेकर सुप्रीम कोर्ट में यह बात पूरी तरह से साफ कर दी गई है कि शराब के अधिक सेवन से हुई मौत पर बीमा कंपनी किसी तरह का क्लेम नहीं देगी। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि बीमा कंपनी के नियमों में यह बात साफ तौर पर कही गई है कि कंपनी प्रत्यक्ष रूप से दुर्घटना में हुई मौत पर मुआवजा देने के लिए बाध्य है।  

दरअसल यह मामला हिमाचल प्रदेश का है,  जहां राज्य वन निगम में काम कर रहे एक चौकीदार की मृत्यु अचानक से आधी रात में हुई थी। यह घटना 7-8 अक्तूबर 1997 की है। जिसे लेकर मृतक की कानूनी उत्तराधिकारी नर्बदा देवी ने बीमा कंपनी से क्लेम न मिलने पर कंपनी के खिलाफ कोर्ट में याचिका दायर की थी। यह बीमा हिमाचल प्रदेश सरकार की पर्सनल इंश्योरेंस स्कीम के तहत कराया गया था जिसमें दुर्घटना में हुई मृत्यु के लिए 1 लाख की धनराशि के क्लेम की व्यवस्था थी।    

इस याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने साफ कर दिया की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृतक के शरीर पर किसी तरह के जख्म नहीं पाए गए हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट का कहना है की मौत ज्यादा शराब पीने के कारण दम घुटने से हुई है। ऐसे में बीमा कंपनी किसी भी क्लेम के लिए उत्तरदायी नहीं हैं।