2017 में सुप्रीम कोर्ट के जज बने जस्टिस मोहन एम. शांतनगौदर का शनिवार देर रात गुरूग्राम के मेदांता अस्पताल में निधन हो गया। कारण उनके फेफड़ों में संक्रमण बताया जा रहा है। हालांकि अभी इस बात का पता नहीं चला है कि शांतनगौदर को कोरोना था या नहीं। कोर्ट के अधिकारी ने बताया कि शनिवार रात तक उनकी तबीयत स्थिर थी लेकिन देर रात 62 साल की उम्र में उन्होंने अपना दम तोड़ दिया। 

जस्टिस मोहन का जन्म 5 मई, 1958 को कर्नाटक में हुआ था। 1980 में उन्होंने अपने आप को एक वकील के रुप में नामांकित करवाया, सितंबर 2004 में वह परमानेंट जज बन गए। बाद में उनका ट्रांसफर केरल के हाईकोर्ट में हो गया, जहाँ 1 अगस्त, 2016  में उन्हें कार्यवाहन चीफ जस्टिस के रुप में चार्ज संभाला। 22 सितंबर 2016 को वह केरल के जस्टिस बने और फिर फरवरी 2017 में उन्हें सुप्रीम कोर्ट के जज के रूप में प्रमोशन दिया गया।

बता दें, अभी हाल ही में कोरोना के कई मामले  सुप्रीम कोर्ट से भी पाए गए थे। जिसके बाद संक्रमित हुए कई जज और कर्मचारियों ने अपने आप को आइसोलेट किया था।