बिहार में कोरोना की दूसरी लहर दस्तक दे चुकी है। इस वजह से बिहार सरकार ने संक्रमण की रफ्तार को रोकने के लिए कुछ कठोर कदम उठाए हैं। बढ़ते मामलों को देखते हुए बिहार सरकार ने सभी स्कूल कॉलेज और कोचिंग संस्थान को 11 अप्रैल तक बंद करने का आदेश दिया है। 


कोचिंग संस्थान बंद होने से छात्रों को अपनी पढ़ाई में बहुत ज्यादा नुकसान हो रहा है जिस वजह से कई छात्र नाराज हैं। सासाराम जिले में सोमवार को कई छात्रों ने हंगामा किया और कोचिंग सेंटरों पर तोड़फोड़ के साथ आगजनी भी की । इस मामले में 9 छात्रों को गिरफ्तार किया गया है। थाने में भी मौजूद एसपी और कई पुलिस अधिकारी छात्रों को समझाते रहे कि अपने भविष्य को बर्बाद ना करें और घर वापस लौट जाएं। 

दरअसल बात सासाराम जिले के पोस्ट ऑफिस चौराहे की है जहां गौरक्षणी बाजार में उस वक्त आगजनी की शुरुआत की गई जब सैकड़ों छात्रों ने हंगामा शुरू कर दिया। सभी छात्रों ने कलेक्ट्रेट परिसर में घुसकर यात्री शेड में आग लगा दी। इसके साथ ही उन्होंने जमकर तोड़फोड़ भी की। इस हंगामे के बाद नगर थाना अध्यक्ष नारायण सिंह सहित तीन और पुलिसकर्मी घायल हो गए। 

हालांकि पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति पर काबू पा लिया। उपद्रवी छात्रों को नियंत्रण में लाने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले भी छोड़े। मौके पर भारी पुलिस बल की संख्या मौजूद है और कैंप कर रही है। वहीं 1 दर्जन से अधिक छात्रों को पुलिस ने गिरफ्तार भी किया है। हालांकि छात्रों का कहना है कि तमाम तरह की गतिविधियां संचालित हैं सिर्फ संस्थान शिक्षण संस्थान को बंद किया जा रहा है।