कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी में केंद्र सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि इस महामारी में हज़ारों लोगों की जान चली गई, लाखों लोग अपना जीवन बचाने के लिए दर-दर भटक रहे हैं। शमशान घाट में जगह खत्म हो रही है, यह दिखाता है कि सरकार लोगों की मदद करने में असफल रही है। 

बता दें उन्होंने ये सभी बातें कांग्रेस की  पार्लियामेंट्री पार्टी बैठक में कहा। सोनिया गांधी ने कहा कि मौत का आंकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है और जीवन बचाने वाली ज़रूरत की चीज़ें अस्पतालों में पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध नहीं है। ऑक्सीजन, बेड, रेमडेसिविर जैसी आवश्यक चीज़े अस्पतालों में ना के बराबर बची है औऱ राज्य सरकार  को लगातार परेशान किया जा रहा है। यह सारे हालात दिल तोड़ देने वाले हैं और इस मुश्किल घड़ी में सरकार की ज़िम्मेदारियाँ पहले से काफ़ी बढ़ जाती हैं, पर मोदी जी की व्यवस्था देखकर लगता है उन्हें संक्रमण से मरते हुए लोगों की फिक्र नहीं है। 

सोनिया गांधी ने केंद्र पर आरोप लगाते हुए कहा कि केंद्र ने कई लाखों-करोड़ों रुपये ऐसे प्रोजेक्ट पर खर्च किए जिनका लोगों के हितों से या जनहित में कोई मतलब नहीं था। 

अगर बात करे वैक्सीनेशन की तो वैक्सीनेशन की लिस्ट में लाखों दलितों, गरीबों, आदिवासियों, पिछड़े वर्गों को शामिल नहीं किया गया, जो मोदी सरकार की सबसे बड़ी असफलता है। सोनिया गांधी ने आगे कहते हुए कहा, चेतावनी के बाद भी नहीं किए गए पूरे इंतजाम। जबकि केंद्र सरकार को दूसरी लहर आने की चेतावनी पहले ही दी जा चुकी थी, इतना ही नही बल्कि विपक्ष व स्टैंडिंग कमेटी ने लगातार सरकार को चेताया फिर भी केंद्र ने ध्यान नहीं दिया। 

उन्होंने अपने, मनमोहन सिंह, राहुल गांधी द्वारा लिखे गए पत्रों के बारे में बताते हुए कहा कि हमने कोशिश की लेकिन उन्होंने हमारी एक नहीं सुनी।