कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अहमद पटेल का 71 वर्ष की उम्र में 25 नवंबर सुबह 3:30 बजे निधन हो गया। वह गुड़गांव के मेदांता अस्पताल में आईसीयू में भर्ती थे। अहमद पटेल कांग्रेस के सबसे पुराने नेताओं में से एक थे। 1 अक्टूबर को उन्होंने ट्वीट कर अपने कोरोना संक्रमण की जानकारी दी थी


25 नवंबर की सुबह पटेल के बेटे फैसल पटेल ने ट्वीट कर उनके निधन की जानकारी दी। उन्होंने कहा  "बहुत दुख के साथ यह सूचना दी जा रही है कि आखिरकार मेरे पिता अहमद पटेल का 25 नवंबर को रात 3:30 बजे देहावसान हो गया. करीब एक माह पहले उनके कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के बाद से उनकी तबीयत बहुत खराब थी. उनके शरीर के कई अंगों ने काम करना बंद कर दिया था. अल्लाह उन्हें जन्नत में जगह दे.''

इसके अलावा फैसल ने अपने चाहने वाले लोगों को कोविड-19 से बचकर रहने की सलाह दी।  यह भी कहा कि सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें। भीड़ से बचें और अपना बचाव करें

पटेल के निधन के बाद कई नेताओं ने शोक व्यक्त किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर शोक जताया, उन्होंने कहा कि कांग्रेस को मजबूत करने में अहमद पटेल का बड़ा योगदान रहा ।उन्होंने फैसल से फोन पर बात भी की और शोक व्यक्त किया।

इसके अलावा प्रियंका गांधी ने भी ट्वीट कर शोक जताया। प्रियंका ने लिखा कि अहमद पटेल ना सिर्फ उन लोगों में से थे जिनसे वह सलाह लेती थी बल्कि उनके अच्छे दोस्त भी थे पटेल के निधन से बड़े शून्यकाल की स्थिति आ गई है। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति प्रदान करे।

सोनिया गांधी ने भी अहमद पटेल को सबसे वफादार साथी और पुराने दोस्त के खो जाने के रूप में अपना शोक व्यक्त किया है। इसके अलावा  राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने भी पटेल की मृत्यु पर शोक व्यक्त किया है गौरतलब है कि पटेल कांग्रेस के राजनीतिक सचिव थे और लंबे अरसे से कांग्रेस के साथ जुड़े हुए थे।