भारत में क्रिकेट को एक धर्म माना जाता है। हमारे देश में जहाँ छह से ज्यादा धर्म हैं, 22 से ज्यादा भाषाएं हैं और ना जाने कितने प्रकार के लोग हैं लेकिन एक भी लोग ऐसे नहीं मिलेंगे जो क्रिकेट के भगवान सचिन तेंदुलकर को नहीं जानते हों। 


24 अप्रैल 1973 को महाराष्ट्र में जन्मा एक बच्चा "सचिन रमेश तेंदुलकर", कौन जानता था कि वह एक दिन क्रिकेट का भगवान कहलाएगा। सचिन एक छोटे से परिवार में पले बढ़े जहाँ उनके पिता रमेश तेंदुलकर मराठी साहित्यकार थे तो वहीं उनकी माँ रजनी तेंदुलकर एक इन्श्योरेन्स एजेंट थी। 


सचिन नाम रखने के पीछे भी एक दिलचस्प किस्सा है। दरअसल इनके माता पिता को संगीत बहुत पसंद था। सचिन देव बर्मन को बहुत पसंद करते थे इसी वजह से उन्होंने उनका नाम सचिन तेंदुलकर रख दिया।


कहते हैं कि आपकी सफलता आपकी शिक्षा से नहीं आंकी जाती है। सचिन ने अपनी शुरुआती पढ़ाई मुंबई के एक स्कूल से पूरी की। बहुत छोटी सी उम्र में उन्होंने क्रिकेट की एकेडमी ज्वाइन कर लिया। सचिन ने क्रिकेट गुरु रमाकांत आचरेकर से सीखा। 


दरअसल सचिन बचपन में बहुत शरारती थे। सचिन को आम बहुत पसंद था। एक बार सचिन अपने पड़ोसी के घर चोरी चुपके आम तोड़ने गए। रात का वक्त था, उस दिन टेलीविजन पर देवानंद की फिल्म "द गाइड" आ रही थी। सभी लोग फिल्म देखने में व्यस्त थे और सचिन आम तोड़ने के लिए पेड़ पर चढ़े। उस दौरान वो पेड़ से नीचे गिरे और पकड़े गए। इसके बाद सचिन के बड़े भाई ने सचिन का क्रिकेट एकेडमी में नाम लिखवाया जिस से की वह शरारत ना कर पाएं। 


महज 16 साल की उम्र में किया डेब्यू -

15 नवंबर 1989 के दिन, जब सचिन ने भारत के लिए अपना पहला टेस्ट मैच पाकिस्तान के खिलाफ खेला था। उस वक्त सचिन की उम्र मात्र 16 साल थी। सचिन ने अपना पहला वनडे मैच भी पाकिस्तान के खिलाफ 18 दिसंबर 1989 को खेला था। 


सचिन के 24 साल के क्रिकेट करियर के कुछ यादगार पल -

1. सचिन के ज़िन्दगी के सबसे यादगार पलों में से एक उनका पहला शतक है, जो की इंग्लैंड के खिलाफ ओल्ड ट्रैफर्ड में आया था। उस मैच में सचिन ने 119 रन बनाए थे। 


2. अब्दुल कादिर की एक ओवर में 28 रन -

पाकिस्तान के खिलाफ 20 ओवर का मैच, पाकिस्तान ने 153 रन बनाए। वह जमाना 20-20 का नहीं था। भारत उस मैच में हारने के कगार पर खड़ा था। तब सचिन क्रीज पर मौजूद थे और उस वक़्त के सबसे बड़े स्पिनर अब्दुल कादिर के एक ओवर में चार छक्के और एक चौका लगाकर 28 रन बनाकर मैच पलट दिया। 


3. वर्ल्ड कप 2003 में सचिन के सबसे ज्यादा रन - 

2003 वर्ल्ड कप सचिन के लिए बेहद शानदार रहा था। उस वर्ल्ड कप में सचिन ने सबसे ज्यादा 673 रन बनाए थे। उस वर्ल्ड कप के दौरान सचिन ने नामीबिया के खिलाफ 152 रनों की पारी, पाकिस्तान के खिलाफ 98 रनों की पारी और श्रीलंका के खिलाफ 97 रनों की पारी खेली थी। उस वर्ल्ड कप में भारत फाइनल तक पहुंचा था लेकिन फाइनल में ऑस्ट्रेलिया के हाथों भारत को करारी हार मिली थी। 


4 वनडे क्रिकेट में 200 रन बनाने वाले पहले खिलाड़ी - 

साल 2010 में सचिन तेंदुलकर ने एक और कीर्तिमान रचा। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ वनडे मैच खेलते हुए 200 रन बनाए थे और वनडे क्रिकेट में दोहरा शतक लगाने वाले पहले बल्लेबाज बने। 


5. वर्ल्ड कप 2011 में जीत - 

वर्ल्ड कप 2011 जो कि भारत में खेला गया था। भारत को वर्ल्ड कप का प्रबल दावेदार भी माना जा रहा था। लेकिन उस वक्त तक एक ऐसी परंपरा चली आ रही थी कि जिस देश ने भी वर्ल्ड कप होस्ट किया था उस देश ने आज तक कभी वर्ल्ड कप नहीं जीता था। 


सचिन का वर्ल्ड कप भी शानदार रहा था। जिस में इंग्लैंड के खिलाफ उन्होंने शतक की पारी खेली थी तो वर्ल्ड कप सेमीफाइनल में पाकिस्तान के खिलाफ कई जीवनदान मिलने के बाद 80 से अधिक रन बनाए थे। हालांकि सचिन वर्ल्ड कप फाइनल में कुछ खास प्रदर्शन नहीं कर पाए थे लेकिन वह वर्ल्ड कप जीतना ही सचिन के लिए एक बहुत बड़ा सपना था। 


6. 100वाँ अंतरराष्ट्रीय शतक -

वर्ल्ड कप 2011 के करीब 1 साल बाद सचिन ने अपने कैरियर का 100वाँ शतक लगाया। वनडे में 49 तो वहीं टेस्ट में 51 शतकों के साथ वह अंतरराष्ट्रीय मैचों में 100 शतक बनाने वाले पूरे विश्व के पहले खिलाड़ी बने। 2012 में बांग्लादेश के खिलाफ ढाका में खेलते हुए उन्होंने शतक बनाया था जो कि उनका 100वां शतक था। 


7. 200 टेस्ट मैच खेलने वाले पहले खिलाड़ी बने - 

सचिन तेंदुलकर दुनिया के पहले ऐसे खिलाड़ी हैं, जिन्होंने 200 टेस्ट मैच खेला। उनका आखिरी टेस्ट मैच ही उनका 200वां टेस्ट मैच था जो कि उन्होंने मुंबई के ब्रेबॉर्न स्टेडियम में वेस्टइंडीज के खिलाफ खेला था। उन्होंने ने अपना आखिरी टेस्ट मैच साल 2013 में खेला था। 


हालांकि सचिन ने भारत को एक से बढ़कर एक खुशी के मौके दिए। छोटे छोटे पल जो उन्होंने मैच के दौरान हमें दिए हैं, वह इतने सारे हैं की आप गिनते गिनते थक जाएंगे लेकिन वह खत्म नहीं होंगे। वो शोएब अख्तर को  प्वाइंट के ऊपर से छक्का मारना। वकार यूनुस के गेंद से नाक टूटने के बाद भी खेल जारी रखना। पूरी रात होटल के रूम में प्रैक्टिस करना। अपनी शुरुआती दौर में पूरे-पूरे दिन में नेट में प्रैक्टिस करना। यह कुछ ऐसे गुण हैं जिसने सचिन को सिर्फ क्रिकेटर नहीं क्रिकेट का भगवान बनाया।


सचिन के फैन सिर्फ भारत ही नहीं बल्कि सभी देशों में हैं। ऑस्ट्रेलिया के पूर्व खिलाड़ी मैथ्यू हेडन कहते हैं कि "अगर मैंने कहीं भगवान देखा है तो वो भारत के लिए नंबर चार पर बल्लेबाजी करते हुए देखा है "


दिग्गज स्पिनर शेन वार्न कहते है कि " मुझे सचिन सपने में आकर मेरी गेंद पर छक्के लगाते थे"


पाकिस्तान के तेज गेंदबाज वसीम अकरम कहते है की " मैं बहुत भाग्यशाली हूँ कि मैंने सचिन के दौर में क्रिकेट खेला"


सचिन तेंदुलकर आज 49 के वर्ष के हो गए हैं। उन्होंने कोरोना को मात देने के बाद आज पहली बार फैंस के लिए वीडियो जारी करते हुए संदेश दिया और अपने फैंस को बर्थडे संदेश के लिए धन्यवाद कहा।