कृषि कानूनों को लेकर चल रहे आंदोलन में राहत की बात फ़िलहाल दिखाई नहीं दे रही है | लगातार असफल बातचीत के बीच किसानों द्वारा भारत बंद का ऐलान किया गया है| यह भारत बंद 8 दिसंबर को होना है | किसानों ने चेतावनी दी है कि वह दूध और सब्ज़ी की सप्लाई भी नहीं होने देंगे | हालाँकि आरएसएस से जुड़े संगठन भारतीय किसान संघ ने आंदोलन में हो रही राजनीति  का हवाला देकर खुद को इस बंद से अलग कर लिया  है | 

किसान संघ का कहना है कि किसान संगठनों को अपनी बात लोकतान्त्रिक तरीके से रखनी चाहिए | भारतीय किसान संघ ने अलग होने की वजह में राजनीतिक पार्टियों के जुड़ने की बात कही| उन्होंने कहा कि कानून की तीन कमियां हैं जिसको लेकर वह सरकार को ज्ञापन सौंप चुके हैं | 

गौरतलब है कि किसान लगातार अपनी मांगों को लेकर दिल्ली बॉर्डर पर जमे हुए हैं | सरकार से हुई वार्ताएं लगातार असफल रही हैं | इस बीच किसानों ने 8 दिसंबर को भारत बंद का ऐलान किया है | जबकि 9 दिसंबर को किसानों और सरकार के बीच बातचीत होनी है| किसान सभी 3 कृषि कानूनों के वापस लेने की अपनी मांग पर अड़े हुए हैं| इस बीच सपा प्रमुख अखिलेश यादव और बसपा प्रमुख मायावती ने किसान आंदोलन को अपना समर्थन दिया है|