कृषि बिल के खिलाफ आंदोलन कर रहे किसानों ने एलान करते हुए कहा 10 मई को मनाएंगे क्रांति दिवस। संयुक्त किसान मोर्चे की शुक्रवार को इस हुई बैठक में यह तय हुआ कि गरीब-प्रवासी किसान भाई-बहन के लिए 24 घंटे भोजन की व्यवस्था के साथ साथ कोरोना गाईडलाइन्स को ध्यान में रखकर क्रांति दिवस मनाया जाएगा। 

अन्नदाताओं ने कहा कि वह ग्रामीण इलाकों में भी क्रांति दिवस मनाएंगे और साथ ही उन्होंने कहा कि प्रथम स्वतंत्रता संग्राम की शुरुआत भी इसी दिन हुई थी, इसलिए  किसान भाई बहन मिलकर इस दिन को साथ में मनाएंगे। 

इस क्रांति दिवस को सफल बनाने के लिए सभी चीज़ों का आयोजन व व्यवस्था पहले की जा चुकी है जैसे; 

◆ क्रांति दिवस के मौके पर किसानों द्वारा शहीद मंगल पांडेय व अन्य शहीदों को याद किया जाएगा।

◆ सुबह सात बजे से नौ बजे तक जल पान की व्यवस्था की गई हैं और नौ बजे से रात तक खाने पीने व लंगर की व्यवस्था की गई है। 

◆ किसान आंदोलन के संकल्पों को याद किया जाएगा, दोहराया जाएगा ताकि जल्द से जल्द उन्हें विजय प्राप्त हो। 

इन सभी चीज़ों की तयारियाँ पहले से की जा रही हैं, कोरोना प्रोटोकॉल का भी पालन करने के लिए किसानों ने सभी लोगों से अपील की है। ताकि इस क्रांति दिवस को सफलतापूर्वक संपन्न किया जा सके।