सत्तारूढ़ कांग्रेस ने अब तक पंजाब के 8 नगर निगमों में से 6 जीत लिए हैं जिसमें अबोहर, बठिंडा, कपूरथला, होशियारपुर, पठानकोट और मोह शामिल है। अभी बटाला और मोहाली के चुनाव परिणामों का इंतजार हो रहा है। 117 से अधिक निकायों के चुनाव के 3 दिनों के बाद, आज बुधवार को परिणाम घोषित किए जा रहे हैं। जिसमें 8 नगर निगम और 109 नगर परिषद शामिल हैं कुल 9222 उम्मीदवारों ने चुनाव में अपनी किस्मत आजमाई।

चुनावों के समय को देखते हुए चुनावों के परिणामों के महत्व बहुत बढ़ जाते हैं।  पंजाब में कांग्रेस की सरकार है जिसकी अगुवाई अमरिंदर सिंह कर रहे हैं और यह अमरिंदर सिंह के कार्यकाल का आखरी वर्ष है। अगले वर्ष पंजाब में विधानसभा के चुनाव होने हैं और साथ ही दिल्ली के सीमाओं पर पंजाब के किसान कृषि कानूनों का विरोध कर रहे हैं। पंजाब में स्थानीय निकायों के चुनाव पिछले वर्ष ही होने थे पर कोविड-19 के खतरे को देखते हुए इसे टाल दिया गया था। विधानसभा चुनावों के तुरंत पहले निकायों के चुनाव होने के कारण राजनीतिक दलों पर अच्छे प्रदर्शन करने का दबाव बहुत ज्यादा बढ़ जाता है। निकाय चुनावों के लिए मतदान 14 फरवरी को हुए थे जिसमें 70 फ़ीसदी से अधिक वोटिंग हुई थी।

यह चुनाव मुख्य रूप से चार पार्टियों के बीच में था जिस में सत्तारूढ़ कांग्रेस, बीजेपी, शिरोमणि अकाली दल और आम आदमी पार्टी शामिल थी। जहां यह कांग्रेस के लिए प्रतिष्ठा का विषय बना हुआ था। वहीं बीजेपी और शिरोमणि अकाली दल के बीच दो दशकों के गठबंधन टूटने के बाद स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ने की चुनौती थी। पंजाब में पहली बार नगर निकायों के चुनाव लड़ रही है आम आदमी पार्टी अपने लिए राजनैतिक जमीन तलाश रही थी।