अनुसंधान ने यह भी स्पष्ट नहीं किया है कि वायरस माउथवॉश का उपयोग करके श्वसन प्रणाली या फेफड़ों तक पहुंच जाएगा या नहीं।


शोध कर रहे लेखकों ने कहा, 'इन विट्रो SARS-Cove-2 को निष्क्रिय करने के लिए माउथवॉश की क्षमता को संक्रामकता में कमी का पता लगाने के लिए सभी प्रोटोकॉल का उपयोग करके परीक्षण किया गया था।'  माउथवॉश परीक्षण मुंह या नाक जैसी टेस्ट ट्यूब के लिए डिज़ाइन की गई प्रयोगशालाओं में किया गया था।  शोधकर्ताओं ने बताया कि माउथवॉश में कम से कम 0.07 प्रतिशत सीतापार्दिनियम क्लोराइड होता है, जो वायरस को मारने की क्षमता को दर्शाता है।


  इस शोध के प्रमुख लेखक रिचर्ड स्टैंटन ने बताया, 'इस अध्ययन से पता चला है कि कई आम तौर पर उपलब्ध माउथवॉश भी गम रोग से लड़ने के लिए SARS-Cove-2 कोरोना वायरस और अन्य संबंधित वायरस को निष्क्रिय कर सकते हैं।  रिसर्च टीम के अनुसार, क्लिनिकल ट्रायल में देखा जाएगा कि क्या यह कार्डिफ के अस्पताल में कोविद -19 रोगियों की लार में वायरस के स्तर को कम करने में मदद करता है, जिसके परिणाम अगले साल की शुरुआत में आने की उम्मीद है।  शोधकर्ता डेविड थॉमस ने कहा कि शुरुआती परिणाम उत्साहजनक थे, लेकिन नैदानिक ​​परीक्षण इस बात का सबूत नहीं देंगे कि मरीजों के बीच संचरण को कैसे रोका जाए।