दुनिया भर में अब कोरोना(Corona) के मामले कम हो रहे हैं इसलिए अब पाबंदियों(restrictions) में भी ढील दी जा रही हैं। आज से दिल्ली और केरल में बच्चों के लिए शिक्षा के मंदिर, स्कूलों(School) को खोला जा रहा हैं। डीडीएमए(DDMA) के द्वारा छात्राओं को कोरोना संक्रमण से बचाने के लिए स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर को जारी किया है। डीडीएमए के द्वारा दिल्ली(Delhi) और केरल(Kerala) के स्कूलों को 50 फ़ीसदी क्षमता के साथ खोलने की अनुमति दी गई हैं।


एस ओ पी (SOP)के जरिए स्कूलों में कहा गया है कि स्कूल के अधिकारियों और बच्चों को कोरोनावायरस प्रोटोकॉल (coronavirus protocol)को फॉलो करना होगा। इस प्रोटोकॉल में मास्क(Mask) पहने रखना, थोड़े-थोड़े समय पर सैनिटाइजर(Sanitizer)  का इस्तेमाल करना, सोशल डिस्टेंसिंग(Social Distancing) का पालन करना और थर्मल स्क्रीनिंग(Thermal Screening) शामिल हैं। एस ओ पी मे स्कूलों को और भी कई निर्देश दिए गए हैं जैसे कि क्लास में सिर्फ 50 फ़ीसदी (50%)क्षमता के साथ बच्चे क्लास अटेंड कर सकेंगे, जो बच्चे कंटेनमेंट जोन (cantonment zone)में रहते हैं उन्हें स्कूल आने की अनुमति नहीं दी गई हैं।


इसी के साथ स्कूलों (school)को अपने क्लासेस (classes)दो शिफ्ट में देने होंगे ताकि किसी भी बच्चे का कोई नुकसान ना हो और स्कूल के अधिकारियों को इस बात का ध्यान रखना होगा कि पहले शिफ्ट और दूसरे शिफ्ट के छुट्टी होने में 1 घंटे का अंतर होना चाहिए। स्टूडेंट्स  अपना खाना(food), किताब(books), कॉपी(copy), पेंसिल(pencil) या किसी भी तरह की चीजों का आदान प्रदान नहीं कर सकते हैं। स्टूडेंट्स(Students) अपने पेरेंट्स(Parents) की मंजूरी पर ही स्कूल आएंगे और किसी भी स्टूडेंट को फोर्स करके स्कूल नहीं बुलाया जा सकता हैं। स्कूल को बच्चों के लिए दोनों ही क्लासेज चलानी होंगी ऑफलाइन और ऑनलाइन.(online and offline classes)