प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कोरोना वैक्सीनेशन की शुरुआत  सुबह करीब 11:00 बजे की। उन्होंने कहा कि पहले चरण में 3 करोड़ लोगों को कोरोना वैक्सीन लगाई जाएगी। जिसमें फ्रंटलाइन वर्कर शामिल होंगे। संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी भावुक भी हो गए। कोरोना काल के मुश्किल दिनों को याद करके उनकी आंखें नम हो गई और गला भर गया।


प्रधानमंत्री ने कहा कोरोना काल में सभी ने अपना दायित्व अच्छे से पूरा किया। अपने परिवार से दूर रहकर अपना दायित्व निभाया। इसमें डॉक्टर, नर्स, पैरामेडिकल स्टाफ, पुलिस, आशा वर्कर्स, सफाई कर्मचारी  शामिल हैं। जिन्होंने अपनी जान दांव पर लगाई थी, पहले चरण में टीका उन्हीं के लिए है। जिन्होंने एक-एक जीवन बचाने के लिए अपना जीवन दाव पर लगा दिया। इसलिए सबसे पहले स्वास्थ्य से जुड़े लोगों को टीका लगाकर समाज अपना ऋण चुका रहा है। यह एक प्रकार से उन फ्रंटलाइन वर्कर्स के लिए कृतज्ञ राष्ट्र की उनके लिए आदरांजलि भी है।


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि हमने ताली-थाली बजाकर और दीप जलाकर देश के आत्मविश्वास को बढ़ाने का काम लॉकडाउन के दौरान किया। ताकि घर में बंद लोगों का आत्मविश्वास बढ़ाया जाए। 'जो जहां थे वहीं रहे' यह भी कोरोना को रोकने का प्रभावी तरीका था। साथ ही इसका अर्थव्यवस्था पर क्या असर पड़ेगा इसकी चिंता किए बिना हमने व्यक्ति के जीवन को प्राथमिकता दी।