देश में कोरोना बहुत स्पीड से फैल रहा है। कुछ राज्यों में तो कोरोना का रूप बेहद विकराल हो गया है। महाराष्ट्र पंजाब दिल्ली समेत कई राज्यों कि हालात आउट ऑफ कंट्रोल हो चुका है। जहाँ देश में कोरोना और इसकी वैक्सीन को लेकर राजनीति अभी खत्म भी नहीं हुई थी कि देश में बच्चो के बोर्ड परीक्षा को लेकर राजनीतिक पार्टियों ने अब मंथन करना शुरू कर दिया है। 


कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल को पत्र लिख कर आगामी बोर्ड परीक्षाओं को रद्द करने की मांग की है। राहुल गांधी ने रविवार को ट्वीट करते हुए कहा कि सरकार को बोर्ड परीक्षा के आयोजन पर एक बार फिर से विचार करना चाहिए।


ट्विटर और अलग अलग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर बोर्ड परीक्षा रद्द करने की मांग पिछले कुछ दिनों से लगातार चली आ रही है। जहाँ एक तरफ केंद्र सरकार का कहना है कि बच्चों का एक साल बर्बाद ना हो इसलिए परीक्षा तय समय पर सभी नियमों का पालन करते हुए बच्चों को परीक्षा देनी चाहिए। पिछले साल केवल 500 कोरोना केस ही थे और परीक्षा रद्द कर दी गई थी। वहीं इस साल जब रोजाना एक लाख केस सामने आ रहे हैं तब परीक्षा तय समय पर होने कि बात हो रही है। इन प्रस्थितियों में छात्र अपने व्यक्तिगत स्वास्थ्य और करिअर को लेकर काफ़ी चिंतित हैं।


वहीं विपक्ष ने बोर्ड परीक्षा को रद्द करने की मांग की है। इसी बीच प्रियंका गांधी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री को पत्र लिखते हुए कहा है कि यदि परीक्षा होती है और कोई बच्चा संक्रमित हो जाता और उसकी हालत गंभीर हो जाती है तो इस स्थिति में सरकार और सीबीएसई को जिम्मेदार ठहराया जाएगा।