देश में कोरोना महामारी ने विकराल रूप धारण कर लिया है। मौजूदा कोरोना संकट को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद मोर्चा संभाल लिया है। प्रधानमंत्री मोदी कल यानी शुक्रवार को कोरोना की हालात की समीक्षा करेंगे। इस बात की जानकारी पीएम मोदी ने खुद ट्वीट कर दी है। 


कहते हैं कि इंसानों के लिए सीखने की कोई उम्र नहीं होती है। शायद यही बात आज भारत के प्रधानमंत्री के जहन में आई और उन्होंने आखिरकार अपनी विपक्षी दल से कुछ सीखते हुए आखिरकार बंगाल की चुनावी रैली को रद्द करते हुए कोरोना के हालात पर ध्यान देने का फैसला किया है। 


प्रधानमंत्री ने ट्वीट करते हुए कहा "कल मैं महामारी के चलते देश में पैदा हुए हालात की समीक्षा करने के लिए उच्च-स्तरीय बैठकों की अध्यक्षता करूंगा। इस वजह से मैं पश्चिम बंगाल नहीं जाऊंगा।"


इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने ऑक्सीजन की मांग को देखते हुए इसकी उपलब्धता को बढ़ाए जाने के लिए रास्तों और विकल्पों पर विशेषज्ञों से बातचीत की। इस बैठक में कैबिनेट सचिव, प्रधानमंत्री मोदी के मुख्य सचिव, गृह सचिव, स्वास्थ्य मंत्रालय सहित अन्य मंत्रालय और नीति आयोग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। 


हालांकि केंद्र सरकार को आज सुबह बहुत बड़ा झटका लगा जब सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से कोरोना से निपटने के लिए तैयार किए गए योजना की मांग की है। सुप्रीम कोर्ट ने देश में कोरोना के चलते जो हालात पैदा हुए हैं उस सुप्रीम कोर्ट ने एक आपातकाल स्थिति घोषित कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट का यह बयान केंद्र के लिए सचमुच चिंता का विषय है।


आपको बताते चलें पिछले 24 घंटों में देश में 3.14 लाख कोरोना के मामले सामने आए हैं। यह आँकड़े देश में कोरोना की भयावह स्थिति को दर्शाता है। इसके साथ ही देश में संक्रमित होने वालों की कुल संख्या 1,59,30,965 हो गई है।