देश भर में कोरोना के कहर के बीच कनाडा की सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है। कनाडा ने 12 - 15 साल के बच्चों के लिए फाइजर की कोविड वैक्सीन को सुरक्षित बताते हुए मंजूरी दे दी है। कनाडा के स्वास्थ्य विभाग की मुख्य सलाहकार सुप्रिया शर्मा ने इस बात की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि कनाडा में इस बात पर फैसला तीन ट्रायल्स के बाद लिया गया है जिसमें इसे बच्चों पर सुरक्षित और प्रभावी देखा गया है। इस तरह, कनाडा दुनिया का पहला देश बन गया है जहां इस उम्र के बच्चों को वैक्सीन लगाने की मंजूरी दी गई है।

कनाडाई सरकार का कहना है कि नया साल आने से पहले और बच्चों के स्कूल खुलने से पहले सभी को वैक्सीन लगाने की तैयारी जारी है।

ससे पहले कनाडा ने 16 साल से ऊपर के युवाओं के लिए फाइजर की वैक्सीन को मंजूरी दी थी और अब इससे कम उम्र के लोगों पर यह काम शुरू होगा। सुप्रिया ने बताया कि जल्द ही टेस्टिंग रिपोर्ट की जांच के बाद इस वैक्सीन को यूरोप और ब्रिटेन में भी इस उम्र के लोगों को लगाने की अनुमति मिल सकती है। माना जा रहा है कि अमेरिका की फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन भी जल्द ही युवाओं के लिए इस वैक्सीन को मंजूरी दे सकता है। एक रिपोर्ट के अनुसार कनाडा में कोरोना के 12 लाख मामलों में से 20 प्रतिशत केस 19 साल से कम उम्र के लोगों में पाएं गए है। 

आपको बता दें मार्च में फाइजर ने इस वैक्सीन का ट्रायल 12-15 के बीच के करीब  2000 लोगों पर किया था रिपोर्ट के बाद कंपनी ने पता लगाया कि इस उम्र के लोगों पर उनकी वैक्सीन असरदार है। 3 मई को फाइजर- बायोटेक के CEO अल्बर्ट  बूर्ला ने बताया था कि कंपनी भारत सरकार से बातचीत कर रही है ताकि इसे भारत में भी जल्द मंजूरी मिल सके।  फाइजर की कोविड वैक्सीन पहली वैक्सीन थी जिसे दिसंबर में 16 से ऊपर वालो के लिए यूनाइटेड किंगडम में मंजूरी मिली थी जिसमें सबसे पहले संक्रमितों को वैक्सीन लगाई गई फिर बुजुर्ग लोगों को।