बॉलीवुड में काफ़ी फिल्में स्पोर्ट्स बायोपिक पर बनाई गई है। सुशांत सिंह राजपूत की एमएस धोनी के बाद तो लोग उन्हें सच मुच का धोनी समझने लगे थे, प्रियंका के मैरीकॉम ने भी काफ़ी धमाल मचाया था और आमिर की दंगल ने तो पूरी दुनिया में अपना जलवा बिखेरा था। इन्हीं सब फिल्मों से मिलती जुलती फिल्म, एक नई बायोपिक रिलीज हो चुकी है, 'साइना'। इस फिल्म में दिखाया गया है कि किस तरह से मशहूर बैडमिंटन खिलाड़ी साइना नेहवाल ने एक मामूली सी लड़की से वर्ल्डस नंबर वन बनने तक का सफर तय किया है।

फिल्म साइना 26 मार्च को रिलीज कर दी गई है। इस फिल्म की कहानी शुरू होती है कॉमनवेल्थ गेम्स में डबल गोल्ड मेडल जीतने से जहाँ हो रही एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में साइना सवालों के जवाब देते हुए फ्लैशबैक में चली जाती है। साइना की मां ने जन्म से पहले ही उन्हें बैडमिंटन चैंपियन बनाने का तय कर चुकी थी। उनकी सफलता के पीछे सबसे बड़ा हाथ उनकी मां का है, इस बात को फिल्म में बखूबी दर्शाया गया है। 

फिल्म की डायरेक्शन और स्क्रीनप्ले का काम अमोल गुप्ता ने संभाला है और डायलॉग लिखने में अमितोष नागपाल में अमोल का बखूबी साथ निभाया है। सिनेमोटोग्राफी में पीयूष शाह ने कमाल का काम किया है। संगीत की बात करे तो मनोज मुंतशिर की कलम और श्रेया घोषाल की आवाज ने चार चांद लगा दिए है। कुल मिलाकर मूवी अच्छी है कभी कभी थोड़ी ढ़ीली पड़ती है, लेकिन बाद में फेस पकड़ लेती है।

एक्टिंग की बात करे तो सभी ने अपने किरदारों को बखूबी जिया है। परिणीति लुक्स में बेशक साइना जैसी नहीं नजर आती हैं लेकिन कैरेक्टर को बखूबी निभाया है। फिल्म की सबसे बड़ी कमी यह रही कि जिस मैच से साइना वर्ल्डस नंबर 1 बनी वह मैच फिल्म से मिसिंग थी।