मिर्जापुर और सेक्रेड गेम्स से चर्चा में आये मशूहर  फिल्म अभिनेता पंकज त्रिपाठी आजकल बहुत खुश नज़र आ रहे हैं| आज कल वह अपनी फिल्म कागज़ के प्रमोशन में व्यस्त हैं| इसी सिलसिले में उन्होंने हाल ही में एक इंटरव्यू में बताया कि 2004 में जब वो मुम्बई एक्टर बनने आये थे , तब उन्होंने कभी यह उम्मीद नही की थी कि उनको किसी भी फ़िल्म में मुख्य किरदार की भूमिका निभाने का मौका मिलेगा । लेकिन आज इतने सालों की मेहनत के बाद उन्हें यह उपलब्धि हासिल हुई है । 

पंकज ने बताया कि वो कभी यह सोचकर बॉलीवुड में नहीं आए थे कि उन्हें हीरो बनना है। उनका उद्देश्य तो एक एक्टर बनने का था जिसपर उन्होंने काम भी किया । उन्होंने यह भी बताया कि उन्हें जब भी स्क्रिप्ट मिलती है तो वो केवल अपने किरदार के बारे में ही पढ़ते हैं और अपने किरदार से जुड़े किरदारों के बारे में ही नैरेशन सुनते हैं । पर इस किरदार के लिए उन्होंने पूरी स्क्रिप्ट सुनी एवं पढ़ी क्योंकि यह कहानी उस किरदार के इर्द गिर्द बनी गयी है और पंकज इस फ़िल्म के अहम पात्र हैं ।

गौरतलब है कि पंकज त्रिपाठी की आने वाली फ़िल्म  कागज़ है जिसमें वह एक ऐसे व्यक्ति का किरदार निभा रहे हैं जिसे कागज़ी तौर पर मृत घोषित कर दिया गया है|  पंकज ने इस किरदार के बारे में बताते हुए कहा  कि फ़िल्म `कागज़' में उनके किरदार का नाम लाल बिहारी है , फ़िल्म के निर्देशक सतीश कौशिक हैं और इस किरदार के जीवन की मुसीबतों से वह सबसे लड़कर कैसे खुद को सही साबित करता है इसके बारे में बताया गया है ।