देश में लगातार कोरोना वायरस बढ़ता जा रहा है। जिस वजह से अस्पतालों में मरीजों की संख्या बहुत बढ़ गई है। बहुत सारे अस्पतालों के बेड भर चुके हैं। यदि किसी मरीज को बेड मिल भी जाए, तो उसे अन्य सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं।


इसलिए अब घरों पर ही आईसीयू की सभी सुविधाएं उपलब्ध कारवाई जा रही है। हालांकि इसके लिए ज्यादा पैसे लग रहे हैं। डॉक्टरों का कहना है कि जिस प्रकार घरों में इमरजेंसी में आग बुझाने के लिए वहां फायर सिलेंडर की व्यवस्था की जाती है, ठीक उसी प्रकार मरीजों में भी जब ऑक्सीजन का स्तर कम हो जाता है। तो आक्सिजन सिलिन्डर का प्रयोग कर मरीज की जान बचाई जा सकती है।


ऑक्सीजन सिलेंडर के बारे में डॉक्टरों का कहना है कि मरीज की स्थिति नाजुक होने के दौरान यह उसके लिए जीवनदायी साबित होगी। कई बार ऑक्सीजन लेवल कम होने पर मरीज को अस्पताल लाए जाने पर बहुत देर हो जाती है। तथा यदि घर पर ही उसे समय पर ऑक्सीजन मिल जाए तो वह बच सकता है।


इसका प्रयोग करते समय एक बात का ध्यान रखें कि ऑक्सीजन सिलेंडर लगाने के बाद डॉक्टर को एक बार जरूर दिखा ले। आवश्यकता ना होने पर इसका प्रयोग ना करें।


सीनियर डॉक्टर आरपी सिंह का कहना है कि कोरोना के दौरान मरीज के शरीर में ऑक्सीजन की मात्रा बहुत कम हो जाती है। इससे मरीज को  तत्काल सहायता मिलेगी।