देश में कोरोना संकट से बिगड़ते हालातों के बीच मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को आठवीं बार संबोधित किया। इस संबोधन में उन्होंने देश को लॉकडाउन से बचने का संदेश दिया और राज्य सरकारों से इसे आखिरी विकल्प के तौर पर इस्तेमाल करने का आग्रह भी किया। विपक्षी दलों ने प्रधानमंत्री के दिए गए संदेश पर जमकर निशाना साधा है। उन्होंने पीएम मोदी के कोरोना पर दिए भाषण की निंदा करते हुए कहा, इस वक्त देश को आपके भाषण की आवश्यकता नहीं है बल्कि ऑक्सीजन की ज़रूरत है। 

नेशनल कांफ्रेंस के नेता अमर अब्दुल्ला ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के कल रात का भाषण कुछ अलग ही अंदाज का था। पिछले साल जब कोरोना की पहली लहर आई थी तब केंद्र ने सब कुछ अपने हाथ में रखा था। यहां तक कि देश में लॉकडाउन लगाने का विकल्प भी केंद्र सरकार की ओर से ही आया था। लेकिन अब कोरोना की दूसरी लहर का नियंत्रण करने के लिए सारी जिम्मेदारियां राज्य सरकारों और मोहल्ला समितियों पर डाल दी गई हैं। एक साल में आखिर यह बदलाव कैसे हो गया।

वहीं पीएम मोदी के संबोधन के बाद कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजदीप सुरजेवाला ने ट्विटर के जरिए निशाना साधते हुए कहा, "आज रात 8:45 बजे के ज्ञान का सार:- मेरे बस का कुछ नहीं यात्री अपने सामान यानी जान की रक्षा स्वयं करें।"

कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने भी प्रधानमंत्री पर तंज कसते हुए कहा कि पीएम के भाषण का उप पाठ यही है कि दोस्तों अपनी सुरक्षा आप स्वयं करो। यदि आप कोरोना को मात देकर निकलने में सक्षम रहे तो हम किसी उत्सव या महोत्सव में निश्चित रूप से मिलेंगे। तब तक के लिए शुभकामनाएं। भगवान आपके साथ रहे। 

इंडियन यूथ कांग्रेस के नेता श्रीनिवास ने भी प्रधानमंत्री मोदी के भाषण पर ट्वीट करते हुए कहा, माफ कीजिए, लेकिन देश को भाषण की नहीं ऑक्सीजन की ज़रूरत है। इसके अलावा सोशल मीडिया पर भी पीएम मोदी के भाषण की जमकर आलोचना की जा रही है। 

बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कल रात 8:45 बजे देश को संबोधित किया था। अपने 19 मिनट के इस संबोधन में उन्होंने कहा कि लॉकडाउन से बचने की भरपूर कोशिश करनी है। इसके साथ ही माइक्रो कंटेनमेंट जोन पर ध्यान केंद्रित करने की भी आवश्यकता है। ताकि देश में एक बार फिर से लॉकडाउन जैसी हालत ना बने।

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