मुख्यमंत्री के एक बटन दबाने से 10,099 शिक्षकों और स्वयंसेवकों को योग्यता के आधार पर उनकी पसंद के अनुसार कार्य स्टेशनों में स्थानांतरित कर दिया गया है, अर्थात उन्हें वांछित पोस्टिंग दी गई थी।  इस अवसर पर शिक्षा मंत्री विजय इंदर सिंगला भी उपस्थित थेे।अब तक, ऑनलाइन प्रणाली के तहत 50 प्रतिशत से अधिक आवेदनों को मंजूरी दी गई है। 35,386 शिक्षकों और स्वयंसेवकों ने स्थानांतरण के लिए ऑनलाइन आवेदन किया था, हालांकि इनमें से 15,481 आवेदन अयोग्य पाए गए, क्योंकि वे पॉलिसी के तहत निर्धारित मापदंडों को पूरा नहीं करते थे।

वहीं 19,905 आवेदन योग्य पाए गए हैं। पहली बार कंप्यूटर शिक्षकों और शिक्षा स्वयंसेवकों को भी शिक्षकों की स्थानांतरण नीति के दायरे में लाया गया था।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा, शिक्षकों की नई स्थानांतरण नीति से रिक्त पदों को भरकर अच्छी शिक्षा प्रदान करने के लक्ष्य को प्राप्त करने में मदद मिलेगी। यह बिना किसी रुकावट के शैक्षणिक सत्र को जारी रखने में मदद करेगा। शिक्षकों को अपनी  योग्यता के आधार पर पसंदीदा काम करने में संतुष्टि भी मिलेगी। मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने कहा कि स्कूल शिक्षकों के स्थानांतरण के लिए जल्द ही शिक्षक स्थानांतरण अधिनियम लाया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने सरकारी स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं को बढ़ाने और शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए स्कूल शिक्षा विभाग की अलग-अलग परियोजनाओं को सराहा है। उन्होंने बताया कि पंजाब ने स्कूल में शिक्षक और शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए कई बड़े पहल किए हैं।