ईसाई समुदाय में गुड फ्राइडे का विशेष महत्व है।  इस साल गुड फ्राइडे 02 अप्रैल यानि आज है।  गुड फ्राइडे के दिन यीशु मसीह को क्रूस पर चढ़ाया गया था।

इस दिन, प्रभु यीशु मसीह ने कई पीड़ाओं और यातनाओं को झेला, जिसके बाद उन्होंने अपना जीवन त्याग दिया। प्रभु यीशु मसीह पृथ्वी पर हो रहे सभी अत्याचारों का विरोध करते हुए, लोगों को प्रेम और क्षमा का संदेश देते हुए क्रूस पर चढ़े। इसलिए गुड फ्राइडे को ब्लैक फ्राइडे, ग्रेट फ्राइडे या ईस्टर फ्राइडे भी कहा जाता है।

 ईसाई धर्म के लोग इस दिन प्रभु ईसा मसीह की याद में उपवास करते हैं और चर्च जाकर प्रार्थना करते हैं। इसके साथ ही ईसाई समुदाय के लोग प्रभु यीशु मसीह द्वारा दी गई शिक्षाओं को याद करते हैं। जब प्रभु यीशु मसीह को क्रूस पर चढ़ाया गया, उन्होंने अंतिम संदेश दिया - "क्षमा सबसे बड़ी शक्ति है।"

प्रभु यीशु ने अपने जीवन में अंतिम शब्द कहे दूसरे लोगो के लिए, उन्होंने कहा, "हे भगवान, उन्हें माफ कर दो, क्योंकि वे नहीं जानते कि वह क्या कर रहे हैं।" प्रभु यीशु को सूली पर लटकाए जाने से बहुत पहले उन्हें सताया गया था। कांटो को उनके सिर पर रखा गया था। फिर उन्हें अपने कंधों पर क्रॉस ले जाने के लिए कहा गया, जिसके दौरान उन्हें लगातार कोड़े मारे गए। फिर उन्हें क्रूरतापूर्वक सूली पर लटका दिया गया। ऐसा कहा जाता है कि प्रभु ईसा मसीह लगभग 6 घंटे तक सूली पर लटके रहे थे।

बाइबल के अनुसार, जब प्रभु ईसा मसीह अपना जीवन त्याग रहे थे, उन्होंने भगवान से कहा कि - 'पिता, मैं अपनी आत्मा को आपके हाथों सौंप देता हूँ।' इसके बाद उन्होंने अपनी जान दे दी। गुड फ्राइडे के दिन, चर्च में ईसाई लोग हर किसी को ईसा मसीह की तरह प्यार करते हैं।