पूरे देश में कोरोना के बढ़ते कहर ने बवाल मचा रखा है। राष्ट्रीय राजधानी में भी कोरोना अपने चरम पर है। इसी बीच दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने 6 अप्रैल से 30 अप्रैल तक का नाइट कर्फ्यू लगाने का फैसला लिया। यह कर्फ्यू रात 10 बजे से सुबह 5 बजे तक का है।


दिल्ली सरकार की ओर से कोरोना संक्रमितों की बढ़ती संख्या राज्य के लिए बहुत बड़ी समस्या उत्पन्न कर सकती है इसलिए यह फैसला लिया गया है। इसमें केवल सार्वजनिक वाहनों को सड़क पर चलने की अनुमति है। वहीं दूसरी तरफ इन सार्वजनिक वाहनों को भी सिर्फ उन्हीं लोगों को ले जाने की अनुमति है जिन्हें इस नाइट कर्फ्यू ने बाहर निकलने की इजाजत है।


वो लोग जिन्हें वैक्सीन लगवानी है, रेलवे व हवाई जहाज से यात्रा करने वाले यात्री जिनके पास वैद्य टिकट है, डॉक्टर और नर्स, पैरामेडिकल स्टाफ और इलेक्ट्रॉनिक व प्रिंट मीडिया में काम करने वाले लोग जिनके पास वैद्य आईडी कार्ड है उन्हें ही इस दौरान आवाजाही की अनुमति है।


हाल ही में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखा था जिसके तहत मुख्यमंत्री ने वैक्सीनेशन की शर्तों में छूट देने की बात कही थी और वैक्सीनेशन पर उम्र की बंदिशों को हटाने की गुजारिश की थी। भारत पूरे विश्व में टीकाकरण के मामले में सभी के लिए मिसाल बना हुआ है, बढ़ते मामलों के बीच महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ आदि कई राज्यों ने अपने अपने स्तर पर संक्रमण को रोकने के लिए कई कदम उठाए हैं । हालांकि पिछले कुछ दिनों से पूरे देश में कोरोना का इस कदर बढ़ना एक चुनौतीपूर्ण स्थिति है।