न्यु ज़ीलैंड की पार्लियामेंट में बीते बुधवार को सभी मेंबर्स ने एकमत होकर एक नए कानून को पास कर दिया है। यह नया कानून उन कपल्स के लिए है जो मिसकेरज या स्टिलबरथ जैसी गम्भीर और दुःखद घटना से गुज़रे है। इस कानून के तहत ऐसे कपल्स जो ऐसी दुःखद घटना के शिकार हुए हैं उन्हें तीन दिन की पैड लीवस दी जाएगी।

यूँ तो न्यु ज़ीलैंड और कुछ अन्य देशों में भी ऐसा कानून पहले से ही मौजूद था जिसके तहत ऐसे कपल्स जिनका स्टिलबरथ हुआ है और भ्रूण की उम्र केवल 20 हफ्ते या उससे थोड़ी अधिक है उन्हें पेड लीव मिलती थी। पर इसी क़ानून को आगे बढ़ाते हुए न्यु ज़ीलैंड की सरकार ने नए क़ानून को पास किया है जिसके तहत प्रेग्नेंसी खोने की कोई सीमा नहीं रखी गयी है।

न्यु ज़ीलैंड की पार्लियामेंट की लेबर मेंबर गिन्नी एंडर्सन जिन्होंने यह बिल ड्राफ़्ट किया है उन्होंने कहा "मुझे ये महसूस हुआ कि ये बिल महिलाओं में छुट्टी मांगने के लिए आत्मविश्वास पैदा करेगा, ऐसी दुःखद घटना होने के बाद भी लोगों को लगातार अपनी जिम्मेदारियां सम्भालनी होती है। जिसकी वजह से वह जिंदगी में मानसिक रूप से उसी सदमे में ठहर जाते है और उससे उभर नहीं पाते। इस बिल के पास होने से यदि किसी महिला को सदमे से उभरने के लिए कुछ वक्त चाहिए तो वह उस वक्त को मांगने के लिए आत्मनिर्भर होगी क्योंकि ये उसका क़ानूनी अधिकार हो जायगा। वह जितना चाहे उतना वक्त लेकर शारीरिक और मानसिक दोनों रूप से ऐसे सदमों से बाहर आ सकती है बिना पैसे या अपने काम की जिम्मेदारियों की चिंता किए।"

अपनी बात को जारी रखते हुए एंडर्सन ने कहा कि उन्होंने आज तक किसी और देश में ऐसा कानून नहीं देखा है। हम शायद दुनिया का पहला ऐसा देश बन जाएंगे जो इस तरह का क़ानून ला रहा है। साथ ही उन्होंने यह भी सुनिश्चित कर दिया कि यह क़ानून अबॉर्शन पर लागू नहीं होगा।