कोरोना वायरस देश को धीरे धीरे खाता जा रहा हैं। हजारों की संख्या में लोग रोज़ अपनी जान गवां रहे हैं। चारों तरफ मातम का माहौल हैं। इसी बीच ख़बर आई है कि प्रसिद्ध इस्लामिक स्कॉलर मौलाना वहीदुद्दीन का कोरोना की चपेट में आने से इंतकाल हो गया हैं। उनकी उम्र 96 वर्ष थी। कोरोना के संक्रमण में आने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जहाँ बुधवार को उन्होंने अपनी अंतिम सांस ली। 

गांधीवादी विचारों के मुसलमान विद्वान मौलाना वहीदुद्दीन को हिंदू-मुस्लिम सामंजस्य के लिए जाना जाता है। वह देश के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और पूर्व उप प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी के काफ़ी करीब थे। उनके निधन पर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्विटर के जरिए शोक जताते हुए कहा, मौलाना वहीदुद्दीन खान के निधन से दुख हुआ। उन्हें धर्मशास्त्र और आध्यात्मिकता के मामलों में व्यावहारिक ज्ञान के लिए सदा याद किया जाएगा। उन्हें सामुदायिक सेवा और सामाजिक सशक्तिकरण का भी शौक था। उनके परिवार और अनगिनत शुभचिंतकों के प्रति संवेदना।  RIP।

बता दें कि मौलाना वहीदुद्दीन इस्लाम में सुधार के पक्षधर थे। वह उन लोगों में गिने जाते हैं, जिन्होंने ट्रिपल तलाक के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाई थी। उन्होंने ही कुरान का बेहद सरल अंग्रेजी भाषा में अनुवाद भी किया था। मौलाना वहीदुद्दीन को इसी साल पद्मभूषण से नवाज़ा गया था। इसके अलावा उन्हें साल 2000 में भी वाजपेयी सरकार द्वारा पद्म भूषण से सम्मानित किया गया था।