प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए स्वामित्व योजना के अंतर्गत ई-संपत्ती कार्डों का आवंटन करते हुए शुभारंभ किया। इसके अलावा उन्होंने पंचायती राज दिवस के शुभ अवसर पर राष्ट्रीय पंचायत पुरस्कार 2021 भी दिए। इस मौके पर उन्होंने लोगों को संबोधित करते हुए कहा, इस साल कोरोना का असर बहुत ज़्यादा देखने को मिल रहा है। जिसे हमें गांव तक पहुंचने से रोकना है। उन्होंने कहा अब आप लोगों के पास अधिक जानकारी है, गांव में कोरोना के कभी प्रोटोकॉल को फॉलो करना बहुत जरूरी है। पीएम मोदी ने पंचायतों को संबोधित करते हुए कहा, पिछले साल जब हम इस दिन मिले थे, तब भी देश कोरोना संकट से लड़ रहा था उस समय मैंने आप सभी से विनती करी थी कि कोरोना को गांव तक पहुंचने से रोकना है , उस समय भी आप सभी ने बहुत अच्छी भुमिका निभाई थी। आप लोगों ने ना बस कोरोना को गांव तक आने से रोका बल्कि लोगों को जागरूक भी किया। इस साल भी हमें इस कोरोना को गांव तक पहुंचने से रोकना है।

इस दौरान 9 राज्यों के लगभग 5200 गांव के 4.09 लाख संपत्ति के मालिकों को उनके ई-संपत्ती कार्ड दिए गए। पीएम मोदी ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के तहत दी गई सुविधाओं का भी जिक्र किया कहा, इस परिस्थिति में कोई भी गरीब भूखा ना रहे इस लिए सरकार ने गरीबों को दो महीने मुफ्त राशन देने की योजना को आगे बढ़ाया है। इसका लाभ 80 करोड़ लोगों को होगा। वहीं इस योजना में केंद्र सरकार 26 हजार करोड़ से ज्यादा रुपए खर्च करेगी। वैक्सीन के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए प्रधानमंत्री ने कहा, जो भी नई गाइडलाइंस आ रही है उसका समय-समय पर पालन करना है और सभी को वैक्सीनेशन प्रक्रिया में सरकार का साथ देते हुए अपने आप को दोनों डोज लगवानी है।

बता दें, स्वामित्व योजना पंचायती राज मंत्रालय की केंद्रीय योजना है। इसे 24 अप्रैल 2020 को पीएम मोदी द्वारा लाया गया था। इसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में घरों के मालिकों को अधिकारों का रिकॉर्ड देना और संपत्ति कार्ड  जारी करना है। लेकिन कोरोना के कारण सरकार कि यह योजनाएं पूर्ण रूप से काम नहीं कर पा रही है। अगर बात करें गरीब कल्याण योजना की तो, गरीबों को अभी भी पूरी मात्रा में राशन नहीं मिल पा रहा है जितना कि उनके पूरे परिवार को मिलना चाहिए। इस महामारी के दौरान कई गरीबों ने या तो भूखे पेट जान गंवाई है या फिर सिर के उपर छत ना होने से। अब इन सब के पीछे की वजह कोरोना है या फिर सरकार की लापरवाही ये तो सरकार ही बता सकती है। लेकिन सरकार से इतना अनुरोध जरुर किया जा सकता है कि जो भी योजनाएं ला रहे हैं उसका लाभ कम से कम उन लोगों तक पूरी तरह पहुंचाने का प्रयास करें जिन लोगों को उसकी ज्यादा जरूरत है।