पहाड़ों में कुछ स्थानों पर बर्फबारी और बारिश देखने को मिल रही है, जिस से आवाजाही पर असर पड़ा है। भारतीय मौसम विभाग के अनुसार, मध्य और पश्चिमी भारत के कई क्षेत्रों में भी भारी बारिश देखी जा सकती है।

दक्षिण-मध्य प्रदेश भी चक्रवात के प्रचलन के खतरे में है, जिसके कारण आसमान में काले बादल छाए हुए हैं। इसके प्रभाव के कारण, पूर्वी मध्य प्रदेश, विदर्भ, छत्तीसगढ़, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा, कोंकण और गोवा में बारिश और आंधी की संभावना है।

पश्चिमी विक्षोभ के कारण हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में भारी मूसलाधार बारिश और बर्फबारी की संभावना बन गई है। इसके अलावा, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, गिलगित, बाल्टिस्तान और मुज़फ़्फ़राबाद में भी बारिश और ओलावृष्टि के आसार हैं।

वहीं, उत्तर पश्चिम भारत में अधिकतम तापमान 4-6 डिग्री और पश्चिम भारत में 3-4 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ने की संभावना है। भारतीय मौसम विभाग के अनुसार, वैश्विक मौसम पैटर्न ला नीना का सर्दी का प्रभाव कम होने लगा है। इस प्रभाव के कारण अप्रैल की शुरुआत में गर्मी देखी जा सकती है।

मौसम विभाग के अनुसार, वैश्विक मौसम पैटर्न ला नीना का सर्दी प्रभाव अब कम हो रहा है और अप्रैल में यह बिल्कुल तटस्थ हो जाएगा, जिसके बाद लोगों को भीषण गर्मी का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि, मानसून के दौरान, ला नीना फिर से वापसी कर सकता है। वहीं, इस साल अल नीनो पर ज्यादा असर नहीं देखा जा सकता है, जिसकी वजह से लोगों को गर्मी से थोड़ी राहत मिल सकती है।