कल रविवार के दिन राजधानी में एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार के आवास पर एक अहम बैठक हुई। यह बैठक मुंबई के पूर्व कमिसनर परमवीर सिंह की चिट्ठी के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में आए तूफान को लेकर थी। यह बैठक शाम 6:30 से रात 9 बजे तक चली। जिसमे महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार, पूर्व केंद्र मंत्री प्रफुल्ल पटेल, सांसद सुप्रिया सुले भी शामिल थे।

इस बैठक के बाद यह बात साफ कर दी गई की इस पूरे मामले में अभी फिलहाल अनिल देशमुख के इस्तीफे की कोई आवश्यकता नहीं है। आरोप अभी पूरी तरह साबित नहीं हुए है ऐसे में कोई भी फैसला सुनाना ठीक नहीं होगा। प्रशासन अभी पूरे मामले की जांच करेगी व जांच में जो भी परिणाम आएगा उस पर सख्त कारवाई की जाएगी। इस पूरे मामले की जांच एटीएस और एनआईए करेगी।

इन सब के बीच पाटिल का कहना है कि इस मुद्दे को उठाकर जनता का ध्यान अंबानी के आवास के बाहर विस्फोटक सामग्री के वाहन वाली घटना व मनसुख हिरण वाली घटना से भटकाने का है। परमवीर सिंह के इस लेटर बम से विपक्ष को वार करने का मौका मिल गया है इस मुद्दे को लेकर बीजेपी के कार्यकर्ताओ ने महाराष्ट्र में नारेबाजी करके अनिल देशमुख के इस्तीफे की गुहार लगाई थी। अब देखना यह है कि रविवार की बैठक के बाद अब विपक्ष कौन  से कदम उठाएगा।