देश में वैक्सीनेशन के तीसरे चरण की शुरुआत 1 मई से हो रही है। लेकिन देश के कई राज्य इसको लेकर तैयार नहीं हैं। दिल्ली सरकार की तरफ से एक बयान आया, जिसके तहत नए चरण की शुरुआत 1 मई से नहीं की जा सकती है। वहीं दिल्ली के साथ पंजाब, ओडिशा और जम्मू कश्मीर सरकार ने भी नए चरण की शुरुआत 1 मई से करने में असमर्थता जताई हैं।

दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने गुरुवार को एक बयान देते हुए कहा कि अभी दिल्ली में वैक्सीन नहीं है। कंपनियों से वैक्सीन उपलब्ध कराने की अपील की जा चुकी है। 

ऐसा ही कुछ ओडिशा में वैक्सीनेशन का जिम्मा संभाल रहे बिजया पनिगढ़ी का कहना है। उन्होंने बताया कि राज्य में वैक्सीन देरी से आएगी जिसके चलते 1 मई से वैक्सीनेशन शुरू करना मुश्किल है। उन्होंने यह भी बताया कि पहले ही 12 जिलों में वैक्सीनेशन ठप है, क्योंकि वैक्सीन ही नहीं है। उम्मीद जताई जा रही है कि 15 मई तक वैक्सीन पहुंच जाएगी।

दिल्ली और ओडिशा की तरह ही जम्मू का भी कुछ ऐसा ही हाल है। सरकारी सूत्रों का कहना है कि वैक्सीनेशन के लिए आर्डर दी जा चुकी है लेकिन सप्लाई अभी तक नहीं आई है। ऐसी उम्मीद जताई जा रही है कि सप्लाई 20 मई तक पहुंचेगी और उसके बाद से वैक्सीनेशन का कार्यकाल शुरू हो पाएगा।

इन सबके अलावा पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री ने भी साफ कह दिया है कि केंद्र की ओर से वैक्सीन नहीं मिलने के कारण 1 मई से नए चरण का वैक्सीनेशन शुरू करना असंभव है। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिद्धू का कहना है कि पंजाब के पास वैक्सीन की भारी किल्लत चल रही है। जिसके चलते 1 मई से 18 साल से लेकर 45 साल तक की उम्र के लोगों के लिए वैक्सीनेशन ड्राइव शुरू करने के लिए सरकार के पास वैक्सीन ही नहीं है। उन्होंने कहा कि अगर केंद्र सरकार राज्य को 1 लाख वैक्सीन उपलब्ध करवा देती है तब ही 1 मई से नए चरण का ड्राइव शुरू किया जा सकता है लेकिन ऐसी उम्मीद बेहद ही कम है। 

बता दें कि इन राज्यों से पहले राजस्थान और महाराष्ट्र भी तीसरे चरण की शुरुआत 1 मई से करने के लिए इंकार कर चुके हैं। उन्होंने भी वज़ह वैक्सीन की कमी बताई है। जैसे-जैसे नए चरण की शुरुआत का समय पास आता जा रहा है, वैसे-वैसे देश के अलग-अलग राज्य अपने हाथ खड़े करते जा रहे हैं। अब इसे प्रणाली की विफलता कही जाए या सरकार की बेबसी!!!