भाजपा विधायक और प्रवक्ता राम कदम ने एबीपी न्यूज को बताया कि 16 अप्रैल 2020 को कोरोना के लिए बंद के दौरान पालघर जिले में 2 साधुओं सहित कुल 3 लोगों की निर्मम हत्या के 211 दिन बाद भी पीड़ितों और संत समाज को न्याय नहीं मिला है।
मामला अदालत में लंबित है और जल्द ही इस पर फैसला आने की उम्मीद है। पालघर हत्या मामले की जांच सीबीआई द्वारा की जा रही है, हम हाथ में दीपक लेके सैकड़ों लोगों के साथ पालघर की यात्रा करेंगे।  भाजपा ने इसे जन आक्रोश यात्रा का नाम दिया है।
राम कदम ने कहा, "पालघर जिले में वह भूमि जहां 16 अप्रैल, 2020 को बुजुर्ग निर्दोष साधुओं को बेरहमी से मार दिया गया था। जिस स्थान पर साधुओं ने जीवन के लिए लड़ते हुए अपने प्राण त्याग दिए, उसी स्थान पर साधुओं के लिए दीप जलाया जाएगा।  सामूहिक शांति और न्याय के लिए प्रार्थना किया जाएगा। ”
पालघर जिले में, जिस भूमि पर उन्हें धोखा दिया गया था, उन्हें मार दिया गया था, उनके साथ अन्याय किया गया था, आंदोलन वहीं होगा और न्याय की गुहार भी। अपने हाथों पर काली पट्टी बांधकर महाराष्ट्र सरकार के विरोध में भूख हड़ताल पर होगा।  जहां हत्या हुई, वहां साधुओं के लिए मंदिर बनाने की मांग होगी।  साधु हत्याकांड को 211 दिन बीत चुके हैं, देश की जनता और पूरा संत, महंत, साधु समाज महाराष्ट्र सरकार से न्याय की गुहार लगा रहा है।  न्याय कब मिलेगा?  उन सपूतों की आत्मा को शांति कब मिलेगी?  महाराष्ट्र सरकार CBI को कब सौंपेगी जांच?