उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में होली से ठीक दो दिन पहले गायब हुए एक वक़ील के केस में एक नया मोड सामने आया है। पता चला है कि वक़ील की हत्या दो सगे भाईयों ने मिलकर की है। पुलिस ने दोनों भाइयों को गिरफ़्तार कर लिया है।

लखनऊ के केसरबाग इलाके के रहने वाले वक़ील नितिन तिवारी 27 मार्च से ही गायब थे। देर शाम जब वह घर वापिस नहीं लौटे तो परिजनों ने उनकी तलाश करनी शुरु कर दी।  काफ़ी प्रयास के बाद भी उनका कुछ पता नहीं लग पाया, तो नितिन के भाई ने गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। जिसके बाद ही पुलिस ने अपनी छान-बीन शुरू कर दी। तहकीकात के दौरान उन्नाव जिले में 28 मार्च को मौरावां पुलिस को नितिन तिवारी का शव मिला, पुलिस ने मृतक शरीर की शिनाख्त करने के बाद शव को पोस्ट-मार्टम के लिए भेज दिया।

इसके बाद लखनऊ और उन्नाव पुलिस ने इस मामले की जाँच शुरू की और इसी जाँच के क्रम में उन्होंने दो सगे भाइयों को गिरफ़्तार कर लिया। पुलिस से की गई पूछताछ में दोनों भाइयों ने बताया कि वक़ील की प्रताड़ना से तंग आकर उन्होंने इस हत्याकांड को अंजाम दिया।

दोषियों ने बताया कि उन्होंने वक़ील को धोखे से उन्नाव बुलाया और उसकी हत्या कर दी।  इसके बाद उन्होंने लाश को फेंक दिया और वहाँ से फरार हो गए। इस मामले में उन्नाव की पुलिस द्वारा दोनों सगे भाइयों के खिलाफ कार्यवाई की जा रही है।