कोरोना महामारी से बचने के लिए पूरा विश्व कोरोना की वैक्सीन तैयार करने में लगा है। ऐसा माना जा रहा है कि भारत बायोटेक और सीरम नामक वैक्सीन जिसके तीसरे चरण का ट्रायल चल रहा है , के पूरे होते ही यह वैक्सीन भारत के लोगों  को लगाने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। यह वैक्सीन पहले 51 लाख लोगो को लगाई जाएगी जिनमें छोटे बच्चों और 50 वर्ष से बड़ी आयु के बुज़ुर्ग लोगों को शामिल किया जायेगा,जिसके लिए २ लाख वैक्सीन्स की आवश्यकता पड़ेगी। 

 'भारत बायोटेक और सीरम जैसी वैक्सीन अभी ट्रायल प्रक्रिया में हैं और वो पूरी भी होने वाली है। इसी को लेकर दिल्ली में स्थित 'राजीव गाँधी सूपेर स्पेशलिटी हॉस्पिटल' में इन वैक्सीन्स को रखने की तैयारी चल रही है। इन वैक्सीन्स को एक सीमित तापमान में रखने के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर बनाया जा रहा है और रेफ्रिजरेटर्स भी रखवाए जा रहे हैं। भारत देश के अनुसार यदि बात करें तो यहाँ ऐसी सुविधा नहीं है कि फ़ाइज़र मॉडेर्ना वैक्सीन्स को रखा जाये क्योंकि इनका भंडारण  करने के लिए 70 डिग्री माइनस तापमान की ज़रूरत है जिसे बना पाना संभव नहीं है और अभी किसी भी अस्पताल में ऐसी सुविधाएँ भी नहीं हैं। 

अभी केवल 74 लाख वैक्सीन्स को रखने के ही इंतेज़ाम करने की क्षमता है। 

राजीव गाँधी अस्पताल  के एक डॉक्टर के अनुसार वहां बहुत सी मशीनें  स्थापित की जा रही हैं। मुख्य रूप से जो मशीनें आयी हैं उनमें दो कोल्ड चेन सिस्टम और 90 फ्रीज़र हैं। यह तैयारियां केवल 2 से 8 डिग्री तापमान पर रखने की ही हैं। इन वैक्सीन्स से भारत में इमरजेंसी वैक्सीन्स की ज़रूरत को पूरा करने के लिए उपयुक्त हैं।