उपराज्यपाल अनिल बैजल ने प्रवासी श्रमिको से दिल्ली नहीं छोड़ने की अपील की है। उन्होंने मंगलवार को ट्वीट किया और कहा, "मैं सभी प्रवासी श्रमिको से अपील करता हूं कि वे घबराहट में दिल्ली न छोड़ें। मैं आप सबको विश्वास दिलाता हूँ  कि कोरोना आपदा की इस स्थिति के दौरान सरकार आपकी सभी जरूरतों का ध्यान रखेंगे। आपके लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएँ सुनिश्चित की जा रही हैं। आप अपनी अथक मेहनत से दिल्ली को चलाते हैं और यह शहर आपका अपना है।"

उपराज्यपाल अनिल बैजल ने कहा कि उन्होंने इस दिशा में सभी अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए हैं। इसके कार्यान्वयन के लिए, गृह सचिव, दिल्ली की अध्यक्षता में अधिकारियों की एक समिति का गठन किया गया है, जो इस अवधि के दौरान प्रवासी, दैनिक मजदूरी और निर्माण मजदूरों को सेवाएं / सुविधाएं प्रदान करेगा।

उपराज्यपाल ने सभी जन प्रतिनिधियों, राजनीतिक दलों और गैर-सरकारी संगठनों से यह आग्रह किया है कि वह कठिनाई के इस समय में हमारे प्रवासी भाई-बहनों को हर संभव सहायता प्रदान करें ताकि उनमें असुरक्षा की भावना पैदा न हो।

इन सेवाओं कि सुविधाएं दी जाएंगी -

आवास भोजन, पानी, कपड़े और दवाओं आदि की उचित उपलब्धता।

 श्रमिकों को भोजन, पानी, कपड़े, दवाइयां और अन्य बुनियादी सुविधाएं प्रदान करने का प्रावधान।

भोजन के लिए, स्कूलों में मध्यान्ह भोजन प्रदान करने वाले ठेकेदारों की सेवा ली जायेगी।

सभी पंजीकृत श्रमिकों को कोविद से मदद के लिए पांच हजार रुपये सीधे उनके बैंक खातों में जमा किए जाएंगे।

 श्रमिकों के रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया खुली रहेगी और नव रजिस्टर्ड व्यक्ति भी श्रमिक कल्याण बोर्ड द्वारा इसका लाभ ले सकेंगे।

दिल्ली के विभिन्न क्षेत्रों में स्थित 205 रैन बसेरों में प्रवासी मजदूरों के लिए मुफ्त आवास और भोजन उपलब्ध कराया जाएगा।