कोरोना के बढ़ते प्रभाव को रोकने के लिए डॉक्टर व  अन्य विद्वान मास्क  पहनने की सलाह देते हैं जिससे कोरोना  का खतरा कम किया जा सके।  मास्क  पहनने से कोरोना की रफ्तार थोड़ी कम दिखाई देती है, और उसका असर कम हो जाता है। मास्क पहनने से कोरोना का खतरा कम हो जाता है इसीलिए सभी ने यह सलाह दी है कि घर से बाहर निकलते समय मास्क  का जरूर इस्तेमाल करें।  उसे पहने और दूसरों को पहनने की सलाह भी दी। लेकिन कुछ लोग मौत को खुलेआम  हाथ में लेकर चलते हैं। कोरोना के बढ़ते प्रभाव को देखकर भी कुछ लोग शांत नहीं हुए और मास्क ना पहन कर बहुत बड़ी गलती कर रहे हैं। ऐसे में  लोग अपने लिए तो मौत  खरीद ही रहे है  बल्कि दूसरों के लिए भी खतरा बने हुए हैं।अब ऐसे  लापरवाह इंसानों की निगरानी करने के लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक फैसला सुनाया है जिसके जरिए मास्क ना पहनने वालों पर कड़ी से कड़ी कार्यवाही की जाएगी और उनकी निगरानी ड्रोन कैमरे से की जाएगी। 

हाई कोर्ट का कहना है,  कि अभी तक कोरोना कि वैक्सीन किसी के हाथ नहीं लगी है और अभी वैक्सीन के बारे में कुछ कह भी नहीं सकते हैं कि कब, किसके हाथ में और वह कैसे लगेगी। कोरोना का  खतरा लगातार अपने पूरे चरम पर है। जब तक हमारे पास वैक्सीन नहीं आती तब तक हमारे पास कोरोना को हराने का एकमात्र साधन मास्क है। जिसे पहनकर हम कोरोना  से बच सकते हैं अब ऐसे मे  लापरवाह लोग जो खुलेआम बिना मास्क  के घूम रहे हैं,  उन  पर शिकंजा कसने के लिए यह फैसला लिया गया है।  कि ऐसे इंसानों की ड्रोन कैमरे से निगरानी की जाएगी। 

हालांकि सरकार ने ऐसे लोगों के लिए पहले भी कड़े नियम बनाए थे,  जिसके अंतर्गत मास्क ना पहनने वालों के लिए सख्ती बरती जाएगी। मास्क  ना पहनने वाले व्यक्ति को चालान भरना होगा जो 500 से 2000 तक का होगा।  मास्क  पहनने वाले व्यक्ति को 24 घंटे की जेल की सलाखों का सामना करना भी  पड़ेगा।  उसके बावजूद भी लोग अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहे हैं और खुलेआम बिना मास्क के घूम रहे हैं। अब ऐसे में सरकार ने इन्हें सुधारने के लिए ड्रोन कैमरे का सहारा लिया है, अब देखना यह होगा कि सरकार के इस फैसले से कौन-कौन सहमत होगा और कौन नहीं,  कौन अपने आप को जिम्मेदार व्यक्ति मानकर  सरकार के साथ कदम से कदम मिलाकर चलेगा और अपनी जान की परवाह कर मास्क पहनेगा और दूसरों को मास्क पहनने की सलाह भी देगा। क्योंकि यही एकमात्र साधन है जिसके जरिए हम कोरोना  से बच सकते हैं क्योंकि अभी तक हमारे पास किसी भी तरह की कोई भी वैक्सीन हाथ नहीं लगी है। 

बता दें कि यूपी में कोरोना  का खतरा सबसे ज्यादा  4 शहरों पर मंडरा रहा है जिसमें लखनऊ,  कानपुर, मेरठ और गाजियाबाद शामिल है।