झारखंड के सिंहभूम के पूर्व सांसद व भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मण गिलुवा का निधन हो गया। गिलुवा को कोरोना पॉजिटिव पाया गया। फिर उन्हें इलाज के लिए जमशेदपुर के टाटा मोटर्स अस्पताल में भर्ती कराया गया। उनकी स्थिति काफी खराब थी। लगभग कुछ दिनों से वेंटिलेटर पर ही चल रहे थे। मगर दुखपूर्बक उन्हें बचाने का प्रयास विफल रहा। गिलुवा गुरुवार को सुबह 2.10 बजे कोरोना से हार गए। उनके निधन की खबर से राजनीतिक गलियारे में शोक की लहर दौड़ गई।

लक्ष्मण गिलुवा का जन्म 20 दिसंबर, 1949 को पश्चिम सिंहभूम जिले के जांता गांव में हुआ था। उन्होंने रांची विश्वविद्यालय से बीकॉम में पढ़ाई की। उनका विवाह मालती गिलुवा से हुआ था। गिलुवा का दो बेटा और एक बेटी हैं। राजनीति में सक्रिय होने में गिलुवा एक लंबा रास्ता तय किए। वह झारखंड की सिंहभूम सीट से भाजपा के टिकट पर जीतकर लोकसभा पहुंचे जहां वे लोकसभा में 13 बि मेंबर के रूप में थे। हालांकि, वह झारखंड की पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस उम्मीदवार गीता कोड़ा से पिछला चुनाव हार गए थे। गिलुवा वर्ष 19-2000 में संसद के विज्ञान और प्रौद्योगिकी, पर्यावरण और प्रतिबंध विभाग के समिति के सदस्य रहे चुके थे। इसके अलावा, वह रेलवे सलाहकार समिति के सदस्य भी थे।



लक्ष्मण गिलुवा की मौत की खबर सुनकर बहरागोड़ा के पूर्व विधायक और भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता कुणाल षाड़ंगी टाटा मोटर्स अस्पताल पहुंचे। उन्होंने गिलुवा की मौत को एक बड़ी क्षति बताया। कुणाल षाड़ंगी ने पूर्वी सिंहभूम जिले के उपायुक्त सूरज कुमार से अनुरोध किया कि वे जल्द से जल्द कागजी कार्रवाई टेलीफोन पर करवाएं, ताकि शव को परिजनों को सौंपा जा सके। राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी और कई प्रमुख नेताओं ने शोक व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि "पूर्व सांसद और भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष आदरणीय लक्ष्मण गिलुवा जी के निधन के बारे में सुनकर मुझे अत्यंत खेद है। वह एक सरल स्वभाव के व्यक्ति थे। झारखंड की राजनीति में उनकी हमेशा कमी रहेगी। ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करे और उनके परिवार को ये दुख की घड़ी सहने की शक्ति दे"।