कोरोना महामारी के प्रकोप से बचने के लिए दुनिया के कई देशों में टीकाकरण का अभियान ज़ोरो-शोरो चल रहा है। इस काम में दुनिया भर की कंपनियों द्वारा बनाई गई वैक्सीन की मदद ली जा रही है। इसी बीच ये ख़बर आ रही है कि मार्केट में जल्द कोरोना वायरस की टेबलेट भी उपलब्ध होगी। 

कंपनी की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी दवा कंपनी फाइजर ने सार्स-सीओवी-2 टेबलेट के लिए नॉवल ओरल एंटीवायरल ड्रग का क्लिनिकल ट्रायल शुरू कर दिया है और अभी तक के आए नतीजे काफ़ी उत्साहजनक रहे हैं।

मंगलवार को कंपनी ने एक बयान में कहा, "ओरल एंटीवायरल क्लिनिकल कैंडिडेट 'पीएफ-07321332' एक सार्स-सीओवी2-3सीएल ने सार्स-सीओवी-2 के खिलाफ इन व्रिटो एंटी-वायरल गतिविधि में और कोरोना के खिलाफ शक्तिशाली प्रदर्शन किया है।" कंपनी ने आगे कहा कि निष्कर्ष से यह पता चला है कि ये कोविड-19 के इलाज़ में और भविष्य में कोरोना वायरस के खतरे से निपटने में कारगर रहेगा। वहीं फाइजर के वर्ल्डवाइड रिसर्च, डवलपमेंट और मेडिकल के मुख्य वैज्ञानिक अधिकारी और अध्यक्ष मिकाएल डोल्सटन ने कहा, ‘हमने पीएफ-07321332 को एक संभावित ओरल थेरेपी के रूप में डिजाइन किया है, जिसे संक्रमण के पहले संकेत पर निर्धारित किया जा सकता है।’

डोल्सटन ने कहा, ‘उसी समय, फाइजर के इंट्रावेनियॉस एंटी-वायरल कैंडिडेट अस्पताल में भर्ती रोगी के लिए एक नोवल ट्रीटमेंट ऑप्शन भी है। एक साथ, दोनों के पास एक एंड-टू-एंड उपचार प्रतिमान बनाने की क्षमता है जो उन मामलों में टीकाकरण का पूरक है जहां महामारी अभी भी मौजूद है।'

ऐसे में यही कहा जा सकता है कि यदि सब कुछ ठीक रहा तो जल्दी ही हमें कोरोनावायरस से इस लड़ाई की जंग में टिककरण के साथ-साथ टेबलेट का हथियार भी मिल जाएगा।

बता दें कि कोरोना महामारी से बचने के लिए फाइजर बायोनटेक ने जो वैक्सीन बनाई थी वह 95% कारगर है और कई देशों में इसी वैक्सीन का इस्तेमाल कर टीकाकरण की जा रही है।