हरियाणा में कोरोना संक्रमण की रफ्तार बेक़ाबू होती नजर आ रही है। ऐसे में जब कुल  मौत के आंकडों को लेकर जब हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर से मंगलवार को सवाल किए गए तो उन्होंने हैरान कर देने वाला बयान दिया। उन्होंने कहा कि यह समय आंकड़ों पर ध्यान देने का नहीं है। हमारे शोर मचाने से मरे हुए लोग वापस नहीं आएंगे और कोविड-19 के इस संकट में हमें डेटा के साथ नहीं खेलना है।

साथ ही CM ने कहा कि हमें यह देखने पर ध्यान देना चाहिए कि लोग कैसे ठीक हो सकते हैं। जो मर गया है वो हमारे शोर मचाने से जिंदा नहीं होगा। हम हर संभव प्रयत्न करेंगे और कर रहे हैं। जिससे कि लोगों को बचाया जाए और हर मदद हरियाणा सरकार कर सके।

मुख्यमंत्री ने यहाँ तक कह दिया कि कुल मौत कम हैं या ज्यादा हैं? इस विवाद में पड़ने का कोई अर्थ नहीं है। बल्कि हमें देखना यह है कि क्या हमारी व्यवस्था हम ठीक कर पा रहे हैं या नहीं। लोगों को जिस प्रकार की मदद चाहिए, वह हम उन्हें दे पा रहे हैं या नहीं। साथ ही उन्होंने कहा कि हम अपनी तरफ से व्यवस्थाएं ठीक कर रहे हैं।

यह बीमारी एक महामारी है इसके बारे में किसी को कुछ पता नहीं था। ना ही आपको पता था और ना हमें पता था। इससे बचने में हमें सभी का सहयोग चाहिए यानी आपका भी सहयोग चाहिए, हमारा सहयोग भी चाहिए और मरीजों का भी सहयोग चाहिए। इसलिए इन विषयों को विवाद का विषय नहीं बनाया जाना चाहिए।

इस बयान से हरियाणा क्षेत्र के लोगों में लाचारी औऱ गुस्सा देखने को मिला रहा है। सरकार को नागरिकों के साथ पारदर्शिता बनाकर रखनी चाहिए । 

प्रश्न यह उठता है, वर्ष 2020 से ही पूरा विश्व इस महामारी से झूझ रहा है और क्या पूरा एक वर्ष व्यवस्था करने के लिए कम है?

हरियाणा सरकार आंकड़े क्यों छुपा रही है? क्या इससे हरियाणा सरकार की नाकामयाबियों का पर्दाफाश हो जाएगा?