इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन (IIMC) के छात्रों ने कैंपस को फिर से खोलने और दूसरे सेमेस्टर की फीस माफ़ करने हेतु सोमवार 5 अप्रैल को संस्थान के परिसर में प्रदर्शन किया।

इंस्टीट्यूट के हिंदी पत्रकारिता विभाग, उर्दू पत्रकारिता विभाग और रेडियो और टेलीविजन विभागों के छात्रों ने संस्थान पर आरोप लगाया कि दूसरे सेमेस्टर में ऑफलाइन क्लासेस आयोजित करने का वादा करने के बावजूद भी संस्थान ने 30 मार्च से ऑनलाइन क्लासेस आयोजित कर रखा है।

छात्रों का कहना है कि जब  देश में बड़े पैमाने पर चुनाव हो रहे हैं, रैलियों को संबोधित किया जा रहा है, तो शिक्षण संस्थानों को क्यों टाला जा रहा है ... पत्रकारिता के प्रैक्टिकल कोर्स का हवाला देकर छात्रों ने कहा कि इसकी ऑनलाइन पढ़ाई संभव नहीं है। ऑनलाइन जितना पढ़ा जा सकता था उतना छात्रों ने पढ़ लिया है। कई प्रेक्टिकल क्लासेस हैं जिन्हें केवल ऑफ़लाइन सीखा जा सकता है। 

छात्रों की दूसरे व आखरी सेमेस्टर की फीस माफ़ करने और पाठ्यक्रमों की अवधि को कुछ महीनों के लिए बढ़ाने की भी मांग है। कोरोनवायरस के प्रकोप के कारण पहले सेमेस्टर में प्रैक्टिकल क्लासेस नहीं हो सकीं, इसलिए प्रदर्शनकारियों ने संस्थान से छात्रों के लिए इस सेमेस्टर प्रेक्टिकल क्लासेस के लिए व्यवस्था करने की मांग की है।

छात्रों के बयान में कहा गया है,  "सप्ताह भर में छात्रों के लिए पुस्तकालय खोला जाना चाहिए। उन सभी छात्रों को जिन्हें अभी तक फ्रीशिप नहीं मिला है, उन्हें जल्द ही फ्रीशीप दिया जाना चाहिए। क्योंकि छात्रों ने पहले सेमेस्टर में किसी भी परिसर के संसाधनों का उपयोग नहीं किया है, इसलिए पहले सेमेस्टर में ली गई आधी राशि को दूसरे सेमेस्टर की फीस के लिए समायोजित किया जाना चाहिए।"

उन्होंने आगे यह भी कहा कि "अगर संस्थान उनकी मांगों को तत्काल प्रभाव से पूरा नहीं करती हैं, तो वे अपना विरोध प्रदर्शन अनिश्चितकाल तक के लिए जारी रखेंगे।"