दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए सरकार ने इलेक्ट्रिक साईकल चलने की योजना बनाई। सरकार अब इन साइकल को भी सब्सिडी पर देगी। इस फैसले के पीछे की सोच ये है कि जैसे कार, स्कूटर और बाइक का रजिस्ट्रेशन नंबर होता है और रजिस्ट्रेशन नंबर के आधार पर गाड़ी खरीदने वालों को सब्सिडी भेजी जाती है, ठीक ऐसा ही ई - साईकल के साथ भी किया जाएगा।

ट्रांसपोर्ट मिनिस्टर कैलाश गहलोत का कहना है, ई - साइकल सब्सिडी योजना में एक नए मॉडल पर काम किया जाएगा। साईकल के यूनिक फ्रेम नंबर और बैटरी के नंबर के अनुसार सब्सिडी जारी करने पर विचार किया जाएगा।

ई -साइकिल खरीदने पर भी सब्सिडी सीधे खाते में जाएगी और 3-5 दिनों के भीतर सब्सिडी की रकम लोगों को मिल जाएगी। जैसे बाकि गाड़ियों के लिए सब्सिडी ली जाती है और बैंक खतों में आसानी से सब्सिडी पहुँचाई जाती है, ठीक वैसे ही ई -साइकल को खरीदने से लोगों को सब्सिडी का फायदा होगा। अभी रोडमैप को तैयार किया जा रहा है। ई -साइकल के लिए 25 फीसदी इन्सेंटिव तय किया है। साईकल में इलेक्ट्रॉनिक मोटर भी लगाई जाएगी। यदि बैटरी खत्म हो जाये तो इसे साधारण साइकिल की तरह भी प्रयोग किया जा सकता है। इन्सेंटिव 25 से 5500 रुपय तक मिलेगा। पहले 10 हज़ार ग्राहककों को 2000 रुपय भी मिलेंगे।