इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल(ICC) ने गुरुवार को एक बैठक में कई अहम मुद्दों पर फैसला लिया। ICC ने पिछले दिनों विवाद में रहे अंपायर्स कॉल को लेकर अहम फैसले लिए। मीटिंग में सभी कि सहमति इस बात पर बनी कि अंपायर के फैसले की समीक्षा प्रणाली यानी DRS मैच का हिस्सा बनी रहेगी। हालांकि इस मौजूदा मीटिंग में DRS के नियमों में कुछ बदलाव किए गए हैं लेकिन अंपायर्स कॉल के फैसले को बरकरार रखने का फैसलाकिया गया। 


हाल ही में खेले गए भारत और इंग्लैंड के बीच वनडे सीरीज के दौरान अंपायर्स कॉल काफ़ी चर्चा में रहा था। भारतीय टीम के कप्तान कोहली ने अंपायर कॉल को भ्रमित करने वाला बताया था। इसके बाद इस मामले में क्रिकेट जगत के कुछ दिग्गजों ने भी अपनी राय दी थी। भारत के पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर, वीवीएस लक्ष्मण, आकाश चोपड़ा और इरफान पठान ने इसे लेकर चर्चा की थी।


आपको बता दें कि मौजूदा नियमों के अनुसार अगर अंपायर के नोट और फैसले को चुनौती दी जाती है तो उसे बदलने के लिए गेंद का 50% से अधिक हिस्सा कम से कम एक सिस्टम से टकराना चाहिए ऐसा नहीं होने की स्थिति में बल्लेबाज नॉट आउट ही रहता है। 


आईसीसी ने नियमों में बदलाव करते हुए एलबीडब्ल्यू के रिव्यु के लिए विकेट जून की ऊंचाई को बढ़ाकर स्टंप तक कर दिया है। इसका मतलब अब रिव्यू लेने पर बेल्स के ऊपर तक की ऊंचाई पर ध्यान दिया जाएगा जबकि पहले पेट के निचले हिस्से तक की ऊंचाई पर ध्यान दिया जाता था। इससे विकेट जॉन की ऊंचाई बढ़ जाएगी। दूसरा बदलाव यह किया गया है कि LBW के फैसले को थर्ड अंपायर के पास भेजने से पहले खिलाड़ी अंपायर से पूछ पाएगा की गेंद को खेलने का वास्तविक में प्रयास किया गया था या नहीं। तीसरे बदलाव के तहत और थर्ड अंपायर शॉर्ट रन के मामले में रिप्लाई देख कर इसकी समीक्षा कर पाएगा और अगर कोई गलती होती है तो अगली गेंद फेंके जाने से पहले उस निर्णय को सही करेगा।