कृषि कानूनों का विरोध प्रदर्शन लगातार जारी है| कई दौरे की वार्ताओं पर भी अभी कोई बात नहीं बनी है | पिछले 17 दिनों में आंदोलन लगातार मजबूत हुआ है |   आंदोलन के 17वें  दिन किसानों ने दिल्ली- जयपुर हाइवे को जाम करने का फैसला किया है | सरकार की सभी कोशिशों के नाकाम होने के साथ ही किसानों ने टोल प्लाजा और हाइवे को जाम करने की चेतावनी दी है |  किसानों के प्रदर्शन के बीच सरकार ने पुलिस बल का भारी इंतज़ाम किया है | शुक्रवार रात को अचानक दिल्ली के पुलिस कमिश्नर एस एन श्रीवास्तव ने टिकरी बॉर्डर का दौरा किया|  यहाँ उन्होंने सुरक्षाकर्मियों से बातचीत की और हालात का जायजा लिया | वहीं केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने किसान संगठनों के नेताओं से प्रस्ताव पर विचार करने का आग्रह किया है किसानों से बातचीत की सहमति जताई है | 

गौरतलब है कि दिल्ली जयपुर हाइवे जाम करने की चेतावनी के बाद करीब 2000 पुलिसकर्मी हाइवे पर तैनात किये गए हैं | सबसे ज्यादा पुलिस बल कोंडली-मानेसर-पलवल चौराहे पर लगाया गया है| इस चेतावनी के बाद से ही किसान आंदोलन को लेकर केंद्रीय मंत्रियों की प्रतिक्रियाएं भी आई हैं| केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने शुक्रवार को कहा कि किसान आंदोलन में कुछ असामाजिक तत्व आंदोलन का माहौल बिगाड़ सकते हैं| वहीँ तोमर ने यह भी कहा कि सरकार किसानों को लेकर संवेदनशील है और बातचीत को तैयार है| 

रेल मंत्री पीयूष गोयल ने विपक्ष पर आंदोलन का ठीकरा फोड़ते हुए कहा कि वामपंथी संगठन इस आंदोलन को हाईजैक करने की कोशिश कर रहे हैं  | किसानों के मंच का उपयोग अपने राजनीतिक लाभ के लिए करना चाहते हैं| हालाँकि किसानों ने इस बात से इंकार किया है|  

गौरतलब है कि किसानों ने तीनों किसान कानूनों के रद्द करने से पहले बातचीत को तैयार नहीं हैं | ये कानून कृषि में व्यापार, भण्डारण , एमएसपी आदि से जुड़े हैं | वहीं सरकार ने किसानों की इस मांग पर अपनी असमर्थता जताई है|